नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश के प्रख्यात अर्थशास्त्रियों और आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ अहम विचार-विमर्श किया। यह बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई, जिसमें देश की आर्थिक दिशा और नीतिगत प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम, नीति आयोग के अन्य सदस्य, वरिष्ठ अर्थशास्त्री और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस दौरान बजट में शामिल किए जाने वाले प्रमुख आर्थिक सुधारों, विकास योजनाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए गए।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में रोजगार सृजन, महंगाई नियंत्रण, मध्यम वर्ग को राहत, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल इकोनॉमी, हरित ऊर्जा और वित्तीय समावेशन जैसे मुद्दे भी बातचीत के केंद्र में रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अर्थशास्त्रियों से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने को लेकर सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य समावेशी विकास, आर्थिक स्थिरता और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना होना चाहिए।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट संसद में पेश कर सकती हैं। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दे अहम बने हुए हैं।
सरकार की ओर से संकेत दिए जा रहे हैं कि आगामी बजट में विकास के साथ-साथ आम जनता को राहत देने वाले प्रावधानों पर विशेष जोर दिया जा सकता है। इस बैठक को बजट की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे नीति निर्धारण में विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल किया जाएगा।
