बरेली: यूपी की बरेली पुलिस ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर पर बड़ी कार्रवाई कर एआईएमआईएम के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी तौफीक प्रधान को अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, और हाल ही में उसने इंस्पेक्टर बारादरी को फोन पर धमकाने की भी कोशिश की थी। यह ऑडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुई थी। इसको लेकर पसमांदा समाज के एक पदाधिकारी ने शिकायत की थी।
पुलिस टीम से की बदतमीजी
यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब जगतपुर चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ थाना बारादरी क्षेत्र की पशुपति विहार कॉलोनी में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान थाना फतेहगंज पूर्वी का हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान संदिग्ध हालात में दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की तो वह बदतमीजी करने लगा।
तलाशी में मिला तमंचा और कारतूस
शक होने पर पुलिस ने उसकी तलाशी ली, जिसमें उसकी जींस पेंट और की कमर से 315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मुकदमा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना बारादरी में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पूछताछ में तौफीक प्रधान ने स्वीकार किया कि वह हथियार अपनी सुरक्षा और इलाके में लोगों पर रौब जमाने के लिए रखता था।
लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक तौफीक प्रधान एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ बरेली और बदायूं जनपद में मारपीट, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत करीब 9 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही राजस्थान में एटीएम काटने के भी मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। इन्हीं मामलों के चलते वह थाना फतेहगंज पूर्वी का घोषित हिस्ट्रीशीटर है।
चुनाव में भी रहा असफल
तौफीक प्रधान बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से एआईएमआईएम का प्रत्याशी रह चुका है। उसे चुनाव में मात्र 2858 वोट (करीब 1.15 फीसदी) मिले थे। बरेली जिले में एआईएमआईएम कुल मिलाकर डेढ़ फीसदी वोट भी हासिल नहीं कर पाई थी। बरेली पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों, अपराधियों और धमकाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी के पुराने मामलों की दोबारा समीक्षा की जा रही है और आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
