बरेली : बांग्लादेश में एक समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में युवा सिंधी समाज ट्रस्ट ने बुधवार को बरेली कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए इन घटनाओं की कड़ी निंदा की और केंद्र सरकार से सख्त व प्रभावी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि बांग्लादेश में लगातार एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जो मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। ट्रस्ट ने मांग की कि बांग्लादेश में बसे पीड़ितों को भारत के विभिन्न राज्यों में सुरक्षित रूप से बसाने की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग
इसके साथ ही संगठन ने राष्ट्रहित का हवाला देते हुए देश में रह रहे घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की और उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की अपील की। युवा सिंधी समाज ट्रस्ट ने प्रशासन से यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंचाने का भी आग्रह किया, ताकि वैश्विक स्तर पर बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों पर संज्ञान लिया जा सके।
यह थे मौजूद
इस दौरान राजगोपाल खदर, गिरथा सरदार, विजय मूलचंदानी, अशोक पारवामानी, श्याम मिठवानी और राजकुमार लांगरानी सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित हिंदुओं को न्याय और सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक उनका विरोध और आवाज बुलंद होती रहेगी।
