बरेली : भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर में नवप्रवेशित स्नातक (UG) विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्व महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा रहे, जबकि संस्थान निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव है जब शिक्षक और छात्र दोनों आत्ममूल्यांकन और सतत सुधार के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षक पूर्ण नहीं होता और विद्यार्थियों से मिलने वाला फीडबैक शिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। डॉ. महापात्रा ने विद्यार्थियों को “चलता है” संस्कृति से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि यह सोच न तो व्यक्ति को आगे बढ़ाती है और न ही संस्थान को। उन्होंने “परफेक्शन में गर्व” की भावना अपनाने पर जोर दिया और कहा कि हर कार्य समयबद्ध, जिम्मेदारीपूर्ण और उच्च गुणवत्ता के साथ होना चाहिए।
छात्र डिग्री तक न रहे सीमित

उन्होंने छात्रों से केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित न रहकर नवाचार, समस्या-समाधान और सामाजिक योगदान की सोच विकसित करने का आह्वान किया। पशुपालन, रोग नियंत्रण, आनुवंशिक सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक के प्रभावी उपयोग जैसे क्षेत्रों में योगदान की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। डॉ. महापात्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विद्यार्थियों से नियमित फीडबैक लेने से शिक्षण पद्धति और पाठ्यक्रम में सकारात्मक बदलाव संभव हुए।
136 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उल्लेख

अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने IVRI की 136 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्थान ने वैक्सीन तकनीक, रोग निदान, महामारी विज्ञान और ट्रांसलेशनल रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। डॉ. दत्त ने बताया कि वर्ष 2025 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संस्थान में बहुविषयक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। बायोइन्फॉर्मेटिक्स के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा एनालिटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, ताकि छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल सके। उन्होंने एबीआई और आरएबीआई स्टार्टअप सुविधाओं का लाभ उठाकर उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
IVRI देश के शीर्ष पांच कृषि विश्वविद्यालयों में शामिल

संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एस. के. मेंदिरत्ता ने कहा कि ICAR के पूर्व महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा के कार्यकाल में IVRI को निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सफल क्रियान्वयन के चलते संस्थान को NAAC से ‘A++’ ग्रेड प्राप्त हुआ है और NIRF रैंकिंग में IVRI देश के शीर्ष पांच कृषि विश्वविद्यालयों में शामिल रहा है।
स्टूडेंट का हुआ प्रवेश

डॉ. मेंदिरत्ता ने जानकारी दी कि शैक्षणिक वर्ष 2024–25 में BVSc & AH में 60, B.Tech बायोटेक्नोलॉजी में 22 और B.Tech डेयरी टेक्नोलॉजी में 15 छात्रों का प्रवेश हुआ है। सभी कार्यक्रमों में शीर्ष रैंक के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंशुक शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ रजिस्ट्रार श्री राजीव लाल ने दिया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
