बरेली : यूपी के बरेली में जमीन विवाद में दिनदहाड़े शादी के मंडप में।युवक की नृशंस हत्या करने वाले सात भूमाफियाओं को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाकर कड़ा संदेश दिया है। बरेली के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय ने वर्ष 2021 के बहुचर्चित हत्याकांड में सभी अभियुक्तों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
शादी के मंडप में बहाया गया था खून
अभियोजन के अनुसार, 19 मई 2021 को शेरगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में शादी समारोह के दौरान सुरेंद्र पाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने धारदार हथियारों, हथौड़े, बेलचा और तलवार से हमला कर युवक को मौत के घाट उतार दिया था। यह वारदात जमीन विवाद की पुरानी रंजिश में अंजाम दी गई थी। इस मामले में मृतक के भतीजे जसपाल की तहरीर पर शेरगढ़ थाने में हत्या समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
सातों अभियुक्त भूमाफिया घोषित
दोषसिद्ध अभियुक्तों में सुखदेव, उसका पुत्र रवि, भाई वेद प्रकाश, वेद प्रकाश के पुत्र धर्मेंद्र, जितेंद्र, मुनेंद्र और उनका करीबी संजीव शामिल हैं। सभी मोहम्मदपुर गांव के निवासी हैं। बरेली पुलिस ने वर्ष 2024 में इन सभी को अपराध माफिया व भूमाफिया घोषित किया था। अदालत ने गवाहों, साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर सभी को दोषी ठहराया।
125 बीघा जमीन कराई गई थी मुक्त
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रीतराम राजपूत ने मीडिया को बताया कि अभियुक्तों ने गांव के गरीब किसानों की करीब 125 बीघा जमीन पर दबंगई से अवैध कब्जा कर रखा था। लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने नाम करा लिया गया था। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों पर जिलाधिकारी के निर्देश पर 11 मई 2022 को एसडीएम बहेड़ी और शेरगढ़ पुलिस ने पैमाइश कराकर पूरी जमीन को कब्जा मुक्त कराया था। साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध से अर्जित करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई थी।
कोर्ट के फैसले से पीड़ितों को मिला इंसाफ
अदालत के इस फैसले से न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, बल्कि भूमाफियाओं और दबंगों के खिलाफ सख्त संदेश भी गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। प्रशासन और पुलिस ने इसे कानून व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता बताया है।
