हैदराबाद AI समिट में बोले सपा अध्यक्ष- जिससे सबकी भलाई हो, वही सच्चा AI, डिजिटल डिवाइड खत्म किए बिना विकास अधूरा
हैदराबाद/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है, बशर्ते इसका इस्तेमाल जनकल्याण, समानता और सकारात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जिससे सबकी भलाई हो, वही सच्चा AI है।”अखिलेश यादव शनिवार को हैदराबाद में आयोजित ‘विजन इंडिया AI समिट’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, कृषि, शहरीकरण, परिवहन, पर्यावरण और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर AI के उपयोग और दुरुपयोग दोनों को लेकर सरकार को आगाह किया।
गरीबी सबसे बड़ी चुनौती, AI को गांव तक पहुंचाना जरूरी

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भारत को विकसित देश बनाना है, तो डेमोग्राफिक डिविडेंड से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीरता से काम करना होगा। देश की 70 फीसदी आबादी आज भी गांवों में रहती है, ऐसे में यह जरूरी है कि AI और तकनीक का लाभ गांवों, किसानों और गरीबों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि नौजवानों के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट जरूरी है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना होगा। डिजिटल डिवाइड खत्म किए बिना तकनीकी विकास अधूरा रहेगा
हेल्थ सेक्टर में AI निभा सकता है बड़ा रोल

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं में AI की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में समय पर इलाज नहीं मिल पाता। AI आधारित टेलीमेडिसिन से PHC स्तर पर इलाज संभव है। बीमारी की शुरुआती पहचान से जान बचाई जा सकती है। उन्होंने याद दिलाया कि हैदराबाद में शुरू हुई 108 एंबुलेंस सेवा को समाजवादी सरकार ने यूपी में बेहतर ढांचे के साथ लागू किया और उसे तकनीक से जोड़ा गया।
खेती, मौसम और मंडी तक AI से मिलेगा किसानों को फायदा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि AI कृषि और खाद्य सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। ड्रोन और सैटेलाइट इमेज से फसल की निगरानी, ओलावृष्टि, बाढ़, सूखा जैसी आपदाओं की पूर्व जानकारी। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम से किसान को सही फैसला लेने में मदद लें। उन्होंने कहा कि मंडियों को डेटा से जोड़ना जरूरी है ताकि किसान को पता हो कि कौन खरीदार है और किस फसल की मांग है।
शहरों की समस्याओं का समाधान AI से संभव

एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तेजी से शहरीकरण हो रहा है, और शहरों को बेहतर बनाए बिना जीवन स्तर नहीं सुधरेगा।उन्होंने कहा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट आज सबसे बड़ी चुनौती है। AI से कचरा कलेक्शन और सीवेज सिस्टम सुधारा जा सकता है। ई-वेस्ट के लिए अलग नीति जरूरी है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ट्रैफिक मैनेजमेंट में AI से सुधार संभव है। उन्होंने स्मार्ट टोल सिस्टम की वकालत करते हुए कहा कि तकनीक से समय और ईंधन दोनों बच सकते हैं।
एयर क्वालिटी, साइबर फ्रॉड और डीपफेक पर चिंता
उन्होंने कहा कि AI के जरिए एयर क्वालिटी इंडेक्स सुधारा जा सकता है, लेकिन AI का दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। डीपफेक और AI जनरेटेड वीडियो से जनता भ्रमित हो रही है। चुनावों में इसका गलत इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरा है।।उन्होंने कहा कि AI का विकास हो चुका है, लेकिन रेगुलेशन नहीं हुआ, इसके लिए जल्द नीति बननी चाहिए।
SIR पर हमला-यूपी में NRC जैसा प्रयोग
सुपर सेशन के सवाल-जवाब में अखिलेश यादव ने SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, यूपी में SIR के नाम पर वोट काटे जा रहे हैं। यह एक तरह से NRC जैसा प्रयोग है। वोट जोड़ने की बजाय काटने की साजिश हो रही है।।उन्होंने आधार को वोटर लिस्ट से जोड़ने की बात कही लेकिन सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।
नई दोस्ती भी, पुराने रिश्ते भी जरूरी
राजनीति पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश में डिवीजन की पॉलिटिक्स हो रही है। समाजवादी पार्टी विजन की पॉलिटिक्स करना चाहती है। नए दोस्तों से दोस्ती हो, लेकिन पुराने दोस्तों को छोड़ा न जाए।
एक्सपर्ट्स के सुझाव कार्यक्रम में होंगे शामिल
अखिलेश यादव ने समिट में मौजूद विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि यहां से मिलने वाले सुझावों को समाजवादी पार्टी अपने भविष्य के कार्यक्रमों में शामिल करेगी। इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, सांसद राजीव राय, पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्र समेत कई विशेषज्ञ और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
