सपा प्रमुख ने कहा – बीजेपी ने बीएलओ की मौतों को बताया ड्रामा, SIR में समय की जल्दबाजी पर उठाया सवाल,बोले – वोटर का अधिकार होना चाहिए सुरक्षित
नई दिल्ली/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर चुनाव आयोग और भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि चुनाव आयोग इस लोकतंत्र में BJP का ड्रीम पूरा करना चाहता है। जिससे विपक्ष का वोट कट जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चुनाव अभी दूर हैं, फिर इतनी जल्दबाजी क्यों?। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें वोट डालने का अधिकार दिया। मतदाता का वोट स्वतंत्र रूप से पड़े, यही लोकतंत्र का वास्तविक लक्ष्य है। लेकिन भाजपा की रणनीति से ये अधिकार प्रभावित हो रहा है।”
बीएलओ मौतों से सपा प्रमुख खफा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि सर्वेश कुमार गंगवार, विजय वर्मा, विपिन यादव, अंजू दुबे जैसी मौतें ड्रामा नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों की अनदेखी का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि एसआईआर कार्य के दौरान कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव है, ट्रेनिंग और संसाधनों की कमी स्पष्ट है।
भाजपा पर आरोप- वोट कटवाने की योजना
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने IT कंपनियों की मदद से उन क्षेत्रों में वोट नहीं बढ़ने दिया, जहां वह पिछड़ी है। नोएडा की कंपनियां इस काम में लगी हैं,और उनका लक्ष्य स्पष्ट है, वोटरों को प्रभावित कर विपक्ष का वोट कटाना।
लोकतंत्र और वोटर अधिकार पर चिंता
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहा और पुलिस द्वारा वोटरों को धमकाया जा रहा है। उनका कहना था कि लोकतंत्र मजबूत तभी होगा जब हर वोट स्वतंत्र रूप से डाला जा सके।
जातीय जनगणना और भविष्य की रणनीति
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सुझाव दिया कि एसआईआर में जाति का कॉलम होना चाहिए, जिससे वोटर पहचान और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 में जनता पहले से बेहतर हिसाब-किताब करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की रणनीति वोट काटने की है, जबकि विपक्ष लोकतंत्र बचाने और वोटर का अधिकार सुरक्षित करने में लगा है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि एसआईआर में किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त न करें।
सपा मनाएगी परिनिर्वाण दिवस, हर जिले में कार्यक्रम
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार 6 दिसंबर 2025 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भारत के संविधान निर्माता और दलितों, वंचितों के मसीहा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, उनके संविधान निर्माण में योगदान और उनके आदर्शों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में उनकी शिक्षाओं और संविधान के महत्व को व्यापक रूप से लोगों तक पहुँचाना है।
