बरेली: जिलों में फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति प्रभावित करने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बरेली मंडल में फोर्टिफिकेशन के लिए आवश्यक एफआरके (Fortified Rice Kernel) की आपूर्ति में भारी देरी पर Fresh Agro Food, पंचकूला (हरियाणा) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले के अनुसार, मंडल के राइस मिलों को 500 मीट्रिक टन एफआरके की आपूर्ति के लिए इस कंपनी को ईम्पैनल किया गया था, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी कंपनी केवल 28.75 मीट्रिक टन एफआरके ही सप्लाई कर सकी, जो कुल आवंटन का सिर्फ 5.75% है।
धान क्रय पर पड़ रहा गंभीर असर
एफआरके की आपूर्ति न मिलने से राइस मिलें समय पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) को फोर्टिफाइड चावल नहीं पहुंचा सकीं। जिसके चलते धान क्रय केन्द्रों पर बड़ी मात्रा में धान अवशेष पड़ा हुआ है। धान क्रय प्रक्रिया बाधित हो रही है। किसानों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही
RFC की सख्त कार्रवाई- बैंक गारंटी जब्त
एफआरके की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में कंपनी की लगातार लापरवाही को देखते हुए सम्भागीय खाद्य नियंत्रक बरेली, डॉ. मणिकण्डन ए. ने कार्रवाई कर Fresh Agro Food की बैंक गारंटी 2,78,437/- (दो लाख अठहत्तर हजार चार सौ सैंतीस रुपये) जब्त कर ली।
कड़ी चेतावनीहै-सुधार न हुआ तो ब्लैकलिस्टिंग
RFC ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि- अगर कंपनी ने सप्लाई में सुधार नहीं किया तो उसके खिलाफ डिबार और ब्लैकलिस्टिंग की कार्यवाही की जाएगी। फोर्टिफाइड चावल में मिलने वाला एफआरके पोषण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व शामिल किए जाते हैं। सप्लाई में व्यवधान सीधे जन वितरण प्रणाली (PDS) और पोषण योजनाओं को प्रभावित करता है।
