बरेली: देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा गनीमत में शनिवार शाम उस समय मातम छा गया जब जॉर्जिया में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्र मोहम्मद सफवान का शव 7 दिन बाद गांव पहुंचा। 22 नवंबर को हुए दर्दनाक हादसे में हुई मौत के बाद जैसे ही एंबुलेंस गांव में दाखिल हुई, परिवार और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। नम आंखों के बीच हजारों लोगों ने सफवान को अंतिम विदाई दी और कब्रिस्तान में उन्हें गमगीन माहौल में सुपर्द-ए-खाक किया गया।
पहाड़ी से फिसलकर खाई में गिरने से गई जान
सफ़वान सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ यूरोप, जॉर्जिया में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र थे। 22 नवंबर की सुबह वह दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी के बाहर एक पहाड़ी क्षेत्र में घूमने गए थे, जहां अचानक पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर पड़े। गिरते ही उनकी मौके पर मौत हो गई। परिवार को यह सूचना मिली तो सभी सदमे में चले गए।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, टूट गया सहारा
मृतक के पिता इरफान अहमद, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमने उसे डॉक्टर बनाने का सपना देखा था… वह हमारा सहारा था। सफ़वान चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे और घर की जिम्मेदारियों में सबसे आगे रहते थे। छोटे भाई मुआज़, जो जॉर्जिया में ही पढ़ रहा था, कुछ दिन पहले ही भारत आया था और यह खबर सुनकर भीतर तक हिल गया।
सरकारी प्रयासों के बाद 7 दिन में भारत लाया गया शव
परिवार, स्थानीय लोगों और भारतीय छात्रों ने सरकार से शव जल्द भारत लाने की अपील की थी। लगातार प्रयासों और प्रक्रियाओं के बाद सफ़वान का शव 7 दिन में गांव पहुंच सका। उनके अंतिम सफ़र में हजारों की भीड़ जुटी और हर किसी की आंखें नम थीं।
