लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास और निवेश के हालात का विस्तृत ब्यौरा देते हुए कहा कि 2014 से लेकर अब तक यूपी ने पूरी तरह बदलाव की राह पकड़ी है। उन्होंने बताया कि गीडा की स्थापना के समय प्रदेश में औद्योगिक विकास लगभग ठप था, खाद कारखाने बंद थे और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों से बच्चे मर रहे थे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के निवेश और सुरक्षा के माहौल को मजबूत बनाया। अब यूपी में 47 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये धरातल पर उतर चुके हैं। सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में सुधार के कारण देशभर में यूपी को मॉडल माना जा रहा है। माफियाओं और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई के बाद प्रदेश में उद्योगों का विकास तेजी से हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे, विस्तृत रेल नेटवर्क, मेट्रो परियोजनाएँ और 13 एयरपोर्ट कार्यरत हैं। एक महीने में जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निवेश आने से रोजगार भी बढ़ा है और अब तक डेढ़ करोड़ युवाओं को नौकरी मिल चुकी है। गीडा में ही 40 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि पहले प्रदेश में जातिवाद, तुष्टिकरण और दंगा-फसाद की नीति थी, लेकिन अब यूपी उपद्रव का प्रदेश नहीं बल्कि उत्सव का प्रदेश बन गया है। उद्योग लगाने की इच्छाशक्ति के चलते निवेशक अब पूर्वी यूपी और गोरखपुर में सक्रिय रूप से आ रहे हैं। गीडा में 500 इकाइयाँ स्थापित हो चुकी हैं और रिलायंस का कैंपा कोला यूनिट भी धुरियापार में स्थापित होने जा रहा है।
उद्योग और MSME मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश 35 सेक्टरों की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से उद्यमियों और कारीगरों को लाभ पहुंचा रहा है। नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में 80 से अधिक देशभर के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रदेश के ओडीओपी और हस्तशिल्प उत्पाद अब पूरे देश में प्रदर्शित हो रहे हैं। टूलकिट और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं से छोटे और मझोले उद्यमियों को विशेष लाभ मिला है।
उद्योग नीति और रोजगार क्षेत्रों के विस्तार के चलते प्रदेश के सभी जिलों में जमीन और अवसर की तलाश जारी है। सीएम योगी ने कहा कि न केवल निवेश बल्कि रोजगार के क्षेत्र में भी यूपी देश का अग्रणी प्रदेश बन चुका है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के प्रयासों से प्रदेश में 408 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होने जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अब निवेश और विकास में देश में मॉडल बन चुका है। बेहतर सुरक्षा, उद्योगों का विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर यूपी को देश की सबसे विकसित अर्थव्यवस्था वाले प्रदेश के रूप में स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर और पूर्वांचल अब देश-दुनिया के निवेशकों को आकर्षित करने का केंद्र बन रहे हैं।
