लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में अनुपूरक बजट और सिरप से मौतों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए बजट के आंकड़े स्पष्ट किए और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार का मूल बजट 8 लाख 8 हजार करोड़ रुपये का था। इसके अतिरिक्त अब सरकार द्वारा 24 हजार 496.98 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अनुपूरक बजट में विकास के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
खन्ना ने सदन को बताया कि अनुपूरक बजट में राजस्व लेखा के अंतर्गत 18 हजार 379.30 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित किया गया है, जबकि पूंजी लेखा के तहत 6 हजार 127.68 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्रों को भी मजबूती मिलेगी।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इस अनुपूरक बजट में विशेष रूप से इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट यानी औद्योगिक विकास पर फोकस किया गया है, ताकि प्रदेश में निवेश बढ़े और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें। इसके साथ ही पावर सेक्टर को भी प्राथमिकता दी गई है, जिससे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सेक्टर को भी इस बजट में अहम स्थान दिया गया है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना और आम जनता को सुलभ इलाज उपलब्ध कराना है। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि प्रदेश में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर किया जा सके।
नगर विकास, टेक्निकल शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण और गन्ना एवं चीनी मिल सेक्टर को भी अनुपूरक बजट में प्राथमिकता दी गई है। सुरेश खन्ना ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गन्ना किसानों और चीनी मिलों के लिए भी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।
वहीं दूसरी ओर सिरप से मौतों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी भी सिरप से मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही पूरी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और उसके बाद बार-बार इस विषय को उठाने का कोई औचित्य नहीं है।
खन्ना ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और यदि किसी स्तर पर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सिरप से मौतों को जोड़ना पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मंच का नाजायज तरीके से इस्तेमाल कर रहा है और बिना तथ्यों के सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। सरकार प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अंत में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है और अनुपूरक बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाया जा सके।
