सपा प्रमुख ने युवाओं को दी बड़ी जिम्मेदारी, भाजपा-आरएसएस के षड्यंत्रकारी एजेंडे पर किया हमला
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में युवजन सभा के नेताओं और पदाधिकारियों को संबोधित किया। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र की रक्षा के लिए बेहद अहम करार दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज में नफरत के एजेंडे को समाप्त करने की निर्णायक लड़ाई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने भाषण में कहा कि भाजपा और आरएसएस सत्ता के मद में चूर हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य समाज में नफरत फैलाकर चुनाव जीतना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस षड्यंत्र को विफल करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी के युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं की है। “समाजवादी युवाओं को बूथ स्तर तक लोगों से जुड़कर भाजपा को सत्ता से हटाने की रणनीति बनानी होगी।”
शिक्षा, बेरोजगारी और आउटसोर्सिंग पर करारा प्रहार
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में शिक्षा का निजीकरण और राजनीतिकरण करके गरीब छात्रों से पढ़ाई का अधिकार छीन लिया है। फीस वृद्धि ने शिक्षा को आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया है। योग्यता के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही। युवाओं को “डिलीवरी ब्वॉय” बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है। 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी, शिक्षामित्रों की आत्महत्याएं और बेलगाम बेरोजगारी को उन्होंने सरकार की नाकामी करार दिया।
कानून व्यवस्था पर सवाल
अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी जमकर हमला बोला। महिलाओं के प्रति अपराध, बढ़ता भ्रष्टाचार, और सामाजिक अशांति को उन्होंने भाजपा शासन की नाकामी बताया। उन्होंने आगरा की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि “तलवारें लहराई जा रही हैं, और भाजपा समाजवादियों को बदनाम करने में लगी है।”
फर्जी केस और सोशल मीडिया का दुरुपयोग
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बदनाम कर रही है और फर्जी केस लगाकर उन्हें डराने की कोशिश कर रही है।
भविष्य की रणनीति: पीडीए बनाम एनडीए
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जहां विभाजन की राजनीति कर रही है, वहीं सपा पीडीए (पीड़ित, शोषित, वंचित, अपमानित) के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि “पीडीए की सरकार में सबको सम्मान और अवसर मिलेगा। यही गठबंधन युवाओं को नौकरी दिलाएगा और समाज में भाईचारा स्थापित करेगा।”
बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता

इस दौरान बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद संजय लाठर, समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फहद और प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि आदि मौजूद थे।
