सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम को बड़ी सफलता मिली है। तहसील कार्यालय में तैनात एक क्लर्क को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी क्लर्क ने खतौनी से लोन हटाने के नाम पर पीड़ित से घूस मांगी थी।
खतौनी से लोन हटाने के नाम पर मांगी थी घूस
जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर की एक तहसील में तैनात लिपिक (क्लर्क) ने एक व्यक्ति से खतौनी से बंधक (लोन एंट्री) हटवाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित व्यक्ति ने जब पैसा देने में असमर्थता जताई तो उसे लगातार परेशान किया गया और काम रोक दिया गया। आखिरकार, पीड़ित ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) से शिकायत कर दी।
एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़ा
सहारनपुर जिले की रामपुर मनिहारान तहसील के संग्रह विभाग में तैनात बड़े बाबू दुर्गा प्रसाद कपिल को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। देहात के ननौता थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव निवासी अरुण कुमार ने बताया कि पिता स्वर्गीय रामवीर ने बैंक से अपनी कृषि भूमि (जमीन) पर 18.50 लख रुपए का लोन लिया था। वह कर्ज चुकाते चुकाते बुजुर्ग हो गए। उनकी मौत हो गई। इसके बाद अरुण कुमार ने बैंक का पूरा लोन चुका दिया बैंक ने नो ड्यूज दे दिया। जिसके चलते तहसील में खतौनी से लोन हटाने के लिए बाबू से मिला था। मगर, बाबू ने यह काम नहीं किया। वह काफी दिनों से चक्कर लगा रहा था। इसके बाद अरुण से 5000 रूपये की डिमांड की गई। उसने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। यह रिश्वत लेते ही आरोपी क्लर्क को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद क्लर्क हक्का-बक्का रह गया और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया।
पूछताछ के बाद होगी विधिक कार्रवाई
टीम ने आरोपी क्लर्क दुर्गा प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन अफसरों के मुताबिक, आरोपी से यह भी पूछा जा रहा है कि क्या वह पहले भी अन्य मामलों में रिश्वत ले चुका है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
