आतंकियों का कोई धर्म नहीं, उनका मकसद सिर्फ आतंक फैलाना, देश के युवा अग्निवीर के पक्ष में नहीं, उन्हें चाहिए पक्की नौकरी और वर्दी
ऐसी दुखद घटनाओं पर राजनैतिक लाभ लेना शर्मनाक, दुख की घड़ी में मुनाफा कमा रही हैं निजी कंपनियां और सरकार
लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार (आज) लखनऊ पार्टी कार्यालय पर एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में जम्मू कश्मीर के पहलगाम की आतंकी घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “सरकार ने पूर्व की घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया है,” और यह भी स्पष्ट किया कि सपा सर्वदलीय बैठक में भाग लेकर ठोस सुझाव देगी। सपा की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव इस बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में अहम सुझाव दिए जाएंगे। अखिलेश यादव ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “आतंकी का किसी धर्म से कोई वास्ता नहीं होता, उनका काम केवल आतंक फैलाना है।” उन्होंने सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की और कहा कि ऐसी घटनाएं केवल सुरक्षा चूक का नतीजा हैं, जिससे सरकार को सख्ती से निपटना चाहिए।
देश की सुरक्षा को तो जुमला न बनाएं

उन्होंने कहा कि संवेदनहीन भाजपाइयों से आग्रह है कि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है,उनका दुख-दर्द समझकर कम-से-कम देश की सुरक्षा को तो जुमला न बनाएं। ये असीम दुःख की घड़ी है। इसको भाजपाई दिखावटी बैठकों से और झूठी संवेदनाओं से झुठलाने का कुकृत्य न करें।
निजी कंपनियों के किराए बढ़ाने पर उठाए सवाल
उन्होंने दुख जताया कि “दुख की इस घड़ी में भी निजी कंपनियां और सरकार मुनाफा कमा रही हैं” और कहा कि सरकार को इस पर कड़ा नियंत्रण रखना चाहिए। घटना के बाद से फ्लाइट का किराया कई गुना बढ़ा दिया गया है। यह बिल्कुल गलत है। ऐसे लोग आपदा में अवसर तलाशते हैं। यह बिल्कुल गलत है।
नोटबंदी और धारा 370 पर तंज
सपा प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद आतंकवाद के खत्म होने की उम्मीद थी। यहीं भाजपा ने कहा था, लेकिन आतंक की घटनाएं अब भी जारी है। इससे सरकार की नीतियों पर सवाल उठता है। सरकार ने सभी फैसले खुद लिए हैं। किसी से कुछ पूछा नहीं गया। इससे पहले कि घटनाओं पर सर्वदलीय बैठक भी नहीं की गई थी।
दुखद घटना पर सियासत पर चेतावनी
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “ऐसी दुखद घटनाओं का कोई भी राजनीतिक दल राजनीतिक फायदा न उठाए।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लोग दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहते हैं और सपा की तरफ से यह बात सर्वदलीय बैठक में उठाई जाएगी। उन्होंने एक सियासी पार्टी के घटना के बाद विज्ञापन देने पर भी तंज कसा। आरोप लगाया कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के बेहद दर्दनाक हादसे पर बचकाना विज्ञापन छापकर साबित कर दिया है कि भाजपाइयों की संवेदना उनके प्रति शून्य है, जिन्होंने अपना जीवन खोया है और जिनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भाजपा अब ये विज्ञापन हटवा भी देगी तो भी उसका ये पाप उसके कट्टर समर्थक तक माफ़ नहीं करेंगे। भाजपा हमेशा आपदा में अपनी सत्ता और सियासत के लिए अवसर ढूँढती है। भाजपा अपनी सत्ता के सिवा किसी की सगी नहीं है। यह घोर निंदनीय है।
गलत भाषा का उपयोग चिंतनीय
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ बेहद गलत भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि “बॉर्डर और इंटरनल सिक्योरिटी को लेकर कोई गलत जानकारी फैलने न पाए,” यह सरकार की सीधी जिम्मेदारी है।
अग्निवीर योजना पर तंज
अग्निवीर योजना को लेकर उन्होंने कहा, “देश का युवा इस योजना के पक्ष में नहीं है। वह पक्की नौकरी और पक्की वर्दी चाहता है।” सरकार के बजट नहीं होने की दलील को उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि देश की सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं हो सकता। सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।
राजा भैया से परिचय नहीं, कारोबार से मजबूत होते हैं रिश्ते
सपा प्रमुख अखिलेश यादव से पत्रकार ने राजा भैया के बयान “टूरिस्ट बंद कर देना चाहिए ” पर सवाल किया। इसके जवाब में सपा प्रमुख ने कि मेरा परिचय नहीं। बोले, “कारोबार हमें जोड़ता है, यह सोच कुछ कट्टरपंथियों के दिमाग से निकालनी होगी। “उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ सख्त फैसले नहीं, उनका सही अमल भी जरूरी है।
भाजपा ने किया सब मन मुताबिक
यूपी के पूर्व सीएम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा सरकार ने सब कुछ अपने मन मुताबिक़ किया है, तो वो इतने अधिक लोगों की असामयिक मौत के लिए अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। ये केंद्र सरकार की नाकामी है कि वो पहले से पता नहीं कर पाई कि देश के दुश्मन इतनी वीभत्स घटना को अंजाम देनेवाले हैं। ये कोई पहली बार नहीं हुआ है, भाजपा सरकार ने अगर पिछले हमलों से सबक लिया होता, तो वो पहले से ही सचेत-सजग रहती और ऐसे हमलों को रोका जा सकता था। लोगों के जीवन को बचाया जा सकता था।
