समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बताई ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ की अहमियत
लखनऊ : यूपी और उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल मरहूम अजीज कुरैशी की यौम-ए-पैदाइश पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय, लखनऊ पर खिराज-ए- अकीदत पेश की गई।।इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुरैशी साहब के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
राजनीतिक मतभेदों को रिश्तों में नहीं आने दिया आड़े

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “जनाब अज़ीज़ कुरैशी साहब ने कभी भी राजनीतिक मतभेदों को रिश्तों में आड़े नहीं आने दिया। वे हमेशा सेकुलर ताकतों और समाजवादी विचारधारा को एक मंच पर लाने की कोशिश करते रहे।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुरैशी साहब उत्तर प्रदेश के राज्यपाल न बने होते, तो रामपुर में मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी बन पाना मुश्किल होता। अखिलेश यादव ने देश की खुशहाली का रास्ता गंगा-जमुनी तहज़ीब और सेकुलरिज़्म को बताया और कहा कि “देश तभी आगे बढ़ेगा जब सभी धर्मों और विचारों का सम्मान होगा।”
जिंदगी पर डाली रोशनी

इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने पूर्व राज्यपाल मरहूम अजीज कुरैशी को खिराज ए अकीदत (श्रद्धांजलि अर्पित की) और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। प्रसिद्ध कवि एवं पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह ने कहा, “हिंदी और उर्दू में कोई फर्क नहीं है। यह देश गंगा-जमुनी तहज़ीब पर बना है और हमेशा इसी तहज़ीब पर कायम रहेगा।” लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह के ईमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि “कुरैशी साहब ने कहा कि वह एक शिक्षक थे, जैसे नेताजी भी थे। वह डॉ. राममनोहर लोहिया और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरित थे।
पार्टी के प्रमुख नेता और सामाजिक कार्यकर्ता थे मौजूद

इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी भी मौजूद रहे। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा,पूर्व सदस्य योजना आयोग सैयदा हमीद, पूर्व कैबिनेट मंत्री दीपा कौल,पूर्व सांसद एसटी हसन, पूर्व सांसद अरविन्द कुमार सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता सेहबा शम्सी,न्यायमूर्ति एसयू खान, पूर्व डीजीपी रिज़वान अहमद, पूर्व आईएएस अनीस अंसारी, अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष शकील नदवी,कार्यक्रम के आयोजक सूफियान कुरैशी रहे। उनके साथ पूर्व महापौर भोपाल दीपचंद यादव, मौलाना इरफान-उल-हक कादरी, समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कृष्ण कन्हैया पाल, अमान खान, सलीम अयूबी, डॉ. राजीव दीक्षित, वामिक वारसी, अमिक जामेई अखिलेश कटियार आदि मौजूद थे।
