8 दिन बाद मिला कंकाल, आरोपी पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, 5 साल से चल रहा था अफेयर
सिद्धार्थनगर/लखनऊ:उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद दिला दी। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की न सिर्फ हत्या की, बल्कि शव को 60 किलोमीटर दूर ले जाकर नदी में फेंक दिया। 8 दिन बाद जब कंकाल मिला, तब जाकर मामले का पर्दाफाश हुआ।
प्रेमी संग मिलकर रची साजिश, 60 किलोमीटर दूर ले जाकर दी मौत
घटना सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ के रेहकट नजरगढ़वा गांव की है। यहां रहने वाली संगीता (35 वर्ष) का अपने प्रेमी अनिल शुक्ला (27 वर्ष) से पिछले 5 साल से अफेयर चल रहा था। संगीता का पति कन्नन (48 वर्ष) को इस रिश्ते पर आपत्ति थी। इसी को लेकर दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। 2 जून को संगीता ने अनिल को घर बुलाया और पति को घूमने के बहाने गाड़ी में बैठाकर बलरामपुर जिले के राप्ती नदी किनारे ले गई। वहां खाने की चीज में जहर मिलाकर कन्नन को दिया गया। जब वह बेहोश हो गया, तो उसे नदी में फेंककर दोनों वापस लौट आए।
पहले दर्ज कराई गुमशुदगी, फिर पुलिस को गुमराह किया
हत्या के बाद संगीता ने 6 जून को ढेबरुआ थाने में पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस से कहा कि उसके पति तीन दिन से लापता हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन 9 जून को कन्नन के भाई बाबूलाल ने संगीता और उसके प्रेमी पर हत्या का शक जताया। इसके बाद पुलिस ने संगीता से सख्ती से पूछताछ की। शुरुआत में वह टालमटोल करती रही, लेकिन बाद में उसने जुर्म कबूल कर लिया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
“5 साल से चल रहा था अफेयर, पति को बीच से हटाना जरूरी था”
संगीता ने पुलिस को बताया कि अनिल शुक्ला बलरामपुर के ललिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर धर्मपुर गांव का रहने वाला है। वह अक्सर उनके घर आता-जाता था। पति को यह पसंद नहीं था, इसलिए दोनों ने उसे खत्म करने की योजना बनाई। हत्या के बाद खुद ही पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने संगीता के बयान के आधार पर बलरामपुर पुलिस की मदद से राप्ती नदी से कंकाल बरामद किया और अनिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया।
सीओ सुजीत राय की व्हाइट
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