लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे संविधान बचाने की लड़ाई बताया और कहा कि अब वक्त है कि समाजवादी विचारधारा के लोग एकजुट होकर संघर्ष करें। उन्होंने ऐलान किया कि अब संविधान दिवस को ‘संविधान मान स्तंभ स्थापना दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
भाजपा पर मुख्य आरोप, दलितों पर अत्याचार

इटावा में कथावाचक दलित लड़की की चोटी काटने की घटना को षड्यंत्र बताया। आरोप लगाया कि घटना दो डिप्टी सीएम के इशारे पर करवाई गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा भाजपा सत्ता के लिए संविधान का इस्तेमाल करती है, फिर उसे ताक पर रख देती है। “मैं बनाम हम” की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा व्यक्ति पूजक पार्टी है, जबकि समाजवादियों का लक्ष्य समूह हित है।
PDA बनाम NDA

PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को सकारात्मक राजनीति का प्रतीक बताया। NDA को निगेटिव लोगों का गठबंधन कहकर तंज कसा। बोले: “भाजपा को PDA से डर लगता है, क्योंकि हम पीड़ा से जुड़े लोग हैं।”
भूमि अधिग्रहण पर तीखा हमला
अयोध्या और गोरखपुर में जमीन हड़पने के आरोप। सर्किल रेट में मनमानी बढ़ोतरी का आरोप। पुलिस की भूमिका पर भी सवाल, कहा “अब बुलडोजर के साथ पुलिस चलती है”।
बिहार में भाजपा की हार का दावा
तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन का संकेत दिया। वीडियो कॉल विवाद पर बोले “राजनीतिक बातचीत स्वाभाविक है।”
