बरेली : भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली के 11वें दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विद्यार्थियों को उपाधियाँ और पदक वितरित किए। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी समाज के लिए शुभ संकेत है। यह न सिर्फ लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा हुआ है। राष्ट्रपति ने कहा कि पशु चिकित्सा जैसे मानवीय क्षेत्र को चुनने वाले छात्र-छात्राएं ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भारतीय सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पशु और मानव के रिश्ते को ‘एक परिवार’ की भावना से जोड़ते हुए भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की।
IVRI की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना

राष्ट्रपति ने IVRI के अनुसंधानों और विशेष रूप से टीका विकास में योगदान को राष्ट्र की सेवा में अहम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान ने लंपी जैसी घातक बीमारियों के नियंत्रण में अपनी उपयोगिता सिद्ध की है।
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘IVRI बना जीवन रक्षक केंद्र’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने IVRI की 136 वर्षों की साधना को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने वैज्ञानिकों की मूक पशुओं की सेवा को “सच्ची मानवता” करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल में दो लाख से अधिक जांच करके IVRI ने मानव सेवा में योगदान दिया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का फोकस : कृषि शिक्षा और ग्रामीण जरूरतें

राज्यपाल ने कहा कि कृषि और पशु चिकित्सा की शिक्षा को ग्रामीण जरूरतों से जोड़ना चाहिए। उन्होंने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और सहभागिता को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही विद्यार्थियों को गांवों से जोड़ने की सलाह दी।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

राष्ट्रपति मुर्मू का त्रिशूल एयरबेस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।
