नेशनल इंटीग्रेशन वेलफेयर सोसाइटी ने की कड़ी निंदा, ख्वाजा हाउस में बैठक कर हमले को बताया कायराना
बरेली/ सहारनपुर : देश के जम्मू कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले के खिलाफ नेशनल इंटीग्रेशन वेलफेयर सोसाइटी ने गुरुवार को ख्वाजा हाउस, मोहल्ला मुतरीबान शिराजान में एक विशेष बैठक का आयोजन कर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अल्हाज ख़्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी ने की।
“गंगा-जमुनी तहज़ीब को निशाना बनाना चाहती हैं शैतानी ताकतें”
संस्था के अध्यक्ष ख़्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी ने कहा कि “इस हमले का तरीका साफ दर्शाता है कि इसका उद्देश्य भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुँचाना है। यह हमला विशेष रूप से हिंदू समाज की सहनशीलता और धैर्य की परीक्षा है। लेकिन हमें विश्वास है कि देशवासी इस मुश्किल घड़ी में भी अपनी सनातनी परंपराओं पर अडिग रहेंगे और एकता का परिचय देंगे।”
“यह हमला भारत की एकता और उन्नति से डरी शक्तियों की साजिश” : ख़्वाजा नासरी
अध्यक्ष ख़्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी ने हमले की पृष्ठभूमि पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “विश्व की राजनीतिक और आर्थिक ताकतें भारत की निरंतर प्रगति से भयभीत हैं। उन्हें डर है कि अगर भारत अपनी एकता बनाए रखे और आगे बढ़े तो वह दिन दूर नहीं जब भारत वैश्विक नेतृत्व में अग्रणी भूमिका निभाएगा। इसलिए ऐसी शक्तियाँ बार-बार भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।”उन्होंने आगे कहा कि “यह हमला न केवल शैतानी ताकतों की साजिश है, बल्कि प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल खड़ा करता है। निर्दोष लोगों को नाम पूछ-पूछ कर मारना हमारी संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती है। अनिल यादव ने कहा कि हमें ऐसी ठोस नीतियाँ बनानी होंगी जिससे ऐसी साजिशें कभी सफल न हो सकें।”
मीडिया की भूमिका पर भी उठे सवाल
ख़्वाजा नासरी ने मुख्यधारा की मीडिया से भी ज़िम्मेदार भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “मीडिया को ऐसे संवेदनशील मामलों पर जिम्मेदार और निष्पक्ष रवैया अपनाना चाहिए। अफ़सोस की बात है कि कुछ चैनल इन दुखद घटनाओं को केवल टीआरपी की दौड़ का ज़रिया बना लेते हैं।”
संवेदना और एकता का संदेश
बैठक के समापन पर हमले में मारे गए सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। सोसाइटी के सदस्यों ने दोहराया कि “हम इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और ऐसी सोच के खिलाफ एकजुट हैं। हमें एक-दूसरे का रक्षक बनना है और देश की आत्मा को बचाना है।” इस दौरान बैठक में महामंत्री खुर्रम सुल्तान, मुजाहिद हुसैन सुल्तानी, वसीम अहमद सुल्तानी और अरशद कुरैशी ने भाग लिया और एक स्वर में इस बर्बर हमले की घोर निंदा की।
