कैंट क्षेत्र में डेयरी संचालक संकित चौहान की गोली मारकर हत्या,पुलिस मुठभेड़ में 4 आरोपी गिरफ्तार, दो घायल, अवैध हथियार बरामद
बरेली : यूपी के बरेली शहर के कैंट थाना क्षेत्र में डेयरी संचालक संकित चौहान (25 वर्ष) की हत्या के मामले में पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो को मौके से दबोच लिया गया।
पंचायत घर के पास मिला था शव
30 मई की रात करीब 1:30 बजे, मोहनपुर पंचायत घर के पास संकित चौहान का शव मिला था। शव की जांच में साफ हुआ कि गोली मारकर हत्या की गई थी। मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में एसओजी, सर्विलांस और कैंट पुलिस की टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि हत्या में शामिल चार आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर कठपुला पुल से गुजरने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और वाहनों की चेकिंग शुरू की, तभी बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अमन उर्फ ऋतिक (डिफेंस कॉलोनी निवासी), जावेद (चनेहटा निवासी) गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो अन्य आरोपी आशीष उर्फ सोमू (मुड़िया अहमदनगर), अंशु (सरकढ़ा निवासी) को पुलिस ने मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
हत्या की वजह: ‘गुंडा कौन?’ की बहस और शराब का नशा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले संकित चौहान से कहासुनी हो गई थी। “कौन बड़ा गुंडा है”। इस बात को लेकर आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने संकित को सुनसान जगह बुलाकर हत्या की साजिश रच डाली। शराब पीने के बहाने बुलाया गया और अमन ने तमंचे से गोली मार दी।
बरामद हथियार और सबूत
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे (315 बोर),जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल, अमन हत्या और लूट के केस में 5 साल की सजा काट चुका है, तो वहीं जावेद गैंगस्टर, आबकारी और आर्म्स एक्ट जैसे आधा दर्जन केस दर्ज। चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट और मुठभेड़ की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह थे टीम में शामिल
कैंट इंस्पेक्टर राजेश कुमार,एसओजी प्रभारी सुनील शर्मा, सर्विलांस प्रभारी सतेन्द्र मोतला, दरोगा शैलेन्द्र कुमार, मोहित चौधरी, रोहित तोमर, हरिमुख सिंह अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे
