सामाजिक सरोकार से जुड़ा ऐतिहासिक कदम डेल्टा क्लासेज में होगी कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों की तैयारी अब तक सैकड़ों छात्र बन चुके हैं डॉक्टर और इंजीनियर
बरेली : उर्स-ए-ताजुश्शरिया के सातवें दो रोज़े के मौके पर जहां एक ओर दरगाह में मज़हबी रस्मों और तकरीरों की श्रृंखला जारी है, तो वहीं दूसरी ओर समाज की तरक्की और शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव और आला हज़रत ताजुश्शरिया सोसाइटी के संस्थापक फरमान हसन ख़ान (फरमान मियाँ) ने 111 मेधावी छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग की घोषणा की है।
ज्ञान की रौशनी फैलाने का मिशन
फरमान मियाँ ने कहा कि बरेली की पहचान हमेशा से इल्म (शिक्षा) और रौशनी रही है। आला हज़रत, मुफ़्ती-ए-आज़म और ताजुश्शरिया जैसे महान बुज़ुर्गों ने पूरी दुनिया में ज्ञान का उजाला फैलाया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जरूरतमंद और होनहार बच्चों को NEET, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाएगी।
कौन ले सकता है लाभ?
यह योजना उन छात्रों के लिए है, जो आर्थिक तंगी के चलते महंगी कोचिंग नहीं कर पाते लेकिन उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। कोचिंग की व्यवस्था बरेली के राजेंद्र नगर जनकपुरी स्थित डेल्टा क्लासेज में की गई है। कक्षा 6 से 12 तक के यूपी बोर्ड, सीबीएसई, और ICSE बोर्ड के छात्र, हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के विद्यार्थी,NEET व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र,रजिस्ट्रेशन तिथि: 1 मई से 8 मई तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही संपर्क नंबर 7060100361 पर भी कॉल की जा सकती है।
बच्चे बच्चे सिर्फ मुफ़्ती, हाफ़िज़ या आलिम नहीं, बल्कि डॉक्टर और इंजीनियर, वैज्ञानिक बनें
फरमान मियाँ ने कहा, “हमारा मकसद है कि बच्चे सिर्फ मुफ़्ती, हाफ़िज़ या आलिम नहीं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक बनकर अपने समाज और देश का नाम रौशन करें।”इससे पहले भी दरगाह द्वारा कई बार मुफ्त कोचिंग का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में चयनित हुए। यह पहल लगातार जरूरतमंद छात्रों की शिक्षा को एक नया रास्ता देने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में रहे ये लोग शामिल
कोचिंग पहल की घोषणा के मौके पर कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें मोईन ख़ान, शमीम अहमद, हाफिज़ इकराम, ज़फ़र बेग, जनार्दन आचार्य, अमित शर्मा, ज़हीर अहमद, ज़ुल्फ़िकार अहमद, शैबुद्दीन रज़वी, साकिब अली, साक़िब ख़ान, आतिफ़ ख़ान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
