बरेली। सीबीगंज थाना क्षेत्र की पुलिस ने न्याय की मर्यादा को उस वक्त शर्मसार कर दिया जब बिजली चोरी के एक मामूली से केस में असली आरोपी की जगह एक निर्दोष बुजुर्ग महिला को जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस लापरवाही ने न केवल एक सीधी-सादी महिला को बदनाम कर दिया, बल्कि न्याय प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मामला बरेली के बंडिया गांव का है जहां की निवासी मुन्नी देवी पत्नी जानकी प्रसाद को पुलिस ने गैर-जमानती वारंट के आधार पर घर से उठा लिया। हैरानी की बात यह है कि वारंट मुन्नी पत्नी स्वर्गीय छोटे शाह के नाम पर था जो इस मामले की असली आरोपी थीं। इसके बावजूद पुलिस ने बिना किसी सत्यापन और जांच के बुजुर्ग मुन्नी देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।गिरफ्तारी के वक्त मुन्नी देवी बार-बार अपनी बेगुनाही की दुहाई देती रहीं। वह कहती रहीं मेरा नाम तो मिल रहा है, पर न पति वही है, न घर वही, न केस से कोई वास्ता। लेकिन चौकी प्रभारी सौरभ यादव के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।मुन्नी देवी का बेटा राकेश हलवाई की दुकान पर मजदूरी करता है। मां को छुड़ाने के लिए थाना, तहसील से लेकर एसएसपी कार्यालय तक चक्कर काट रहा है। गांव वालों और परिजनों का आरोप है कि असली मुन्नी इस मामले में नामजद थी। उसे चौकी प्रभारी ने जानबूझकर बचाया। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही निर्दोष मुन्नी देवी की तत्काल रिहाई की गुहार भी लगाई है।
