कानपुर/लखनऊ : यूपी के कानपुर शहर के चमनगंज थाना क्षेत्र के घनी आबादी वाले प्रेमनगर इलाके में रविवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक छह मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से जूता कारोबारी दानिश, उनकी पत्नी, तीन बेटियों और ट्यूशन शिक्षक की जलकर मौत होने की बात सामने आई है। हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि की जा चुकी है। हालांकि, एक विश्वसनीय मीडिया सा संस्थान ने छह लोगों की मौत का दावा किया है। इससे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल है। यह हादसा रविवार रात करीब 9:30 बजे हुआ था, जब प्रेमनगर स्थित छह मंजिला इमारत के भूतल (बेसमेंट) में स्थित जूते बनाने के कारखाने में अचानक आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, उस वक्त कारखाना बंद था, लेकिन इमारत में दानिश और उनके भाई कासिफ के परिवार रह रहे थे। यह आग जैसे ही फैली, कुछ लोग जान बचाकर बाहर निकल पाए। मगर, दानिश का परिवार और एक ट्यूशन टीचर अंदर ही फंस गया।
दमकल विभाग का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा मौके पर पहुंचे। 35 दमकल गाड़ियां, SDRF टीम, और 12 से अधिक थानों की पुलिस फोर्स आग बुझाने और लोगों को निकालने में रातभर जुटी रही। इसके साथ ही 70 से अधिक फायर ब्रिगेड की टीम के सदस्य लगे हैं।
मलवे से शव निकाले

बताया जाता है कि करीब 3 बजे दमकलकर्मियों ने मलबे से दानिश, उनकी पत्नी नाजनीन, तीन बेटियों और ट्यूशन शिक्षक के झुलसे हुए शव बरामद किए। दो सौ मीटर के दायरे को सील कर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। आसपास की इमारतों को खाली कराया गया है। इमारत में दरारें आ गई हैं। जिससे गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
शॉर्ट सर्किट से हादसे की उम्मीद
प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। जूते बनाने वाले कारखाने में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री, गोंद और रबर होने के चलते आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। इससे हादसा हो गया। इसमें मृतकों की पहचान कारोबारी दानिश (45 वर्ष), उनकी पत्नी नाजनीन (42 वर्ष), बेटी सारा (15 वर्ष), सिमरा (12 वर्ष) और इनाया (07 वर्ष) और घर के बच्चों को पढ़ाने आए ट्यूशन शिक्षक के रूप में होने की बात सामने आई है। इनको बाहर नहीं निकाला जा सका था, जबकि
घटना पर पहुंचे अफसर
इस हादसे की खबर मिलते ही ADM सिटी राजेश सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को सहायता राशि और पुनर्वास की तैयारी की जा रही है।
यह बोले प्रत्यक्षदर्शी
इलाके के निवासी अजहर अली ने बताया, “हमने अचानक तेज आवाज और धुंआ देखा। कुछ ही देर में आग की लपटें आसमान छूने लगीं। इमारत से चीख-पुकार सुनाई दे रही थी, लेकिन धुंए और आग के कारण कोई मदद नहीं कर सका।”एहतियात के तौर पर छह मकानों को खाली कराया गया है।
