संभल/ लखनऊ:उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक युवती की हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। पहली नजर में ये मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस की जांच में जो सच सामने आया उसने सबको चौंका दिया। बेटी की “नाक कटने” के डर से पिता और भाई ने ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने लड़की के प्रेमी को फंसाने के लिए एक गहरी साजिश भी रची।
प्रेमी से रिश्ते की वजह से हुई हत्या
अभियुक्तों की गिरफ्तारी/बरामदगी के सम्बन्ध में एसपी संभल की व्हाइट।
मृतका का प्रेम संबंध गांव के ही शादीशुदा युवक प्रमोद से था। यह बात गांववालों के साथ-साथ प्रमोद की पत्नी पूनम को भी पता चल गई थी। 26 मई को प्रमोद की पत्नी पूनम और मृतका के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद मृतका के पिता चंद्रकेश और भाई धर्मेंद्र को इस प्रेम-प्रसंग की भनक लगी। उन्हें डर था कि कहीं बेटी प्रेमी के साथ भाग न जाए और पूरे परिवार की बदनामी न हो जाए।
27 मई की सुबह हुई थी हत्या
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि 27 मई की सुबह करीब 6 बजे मंजू की उसके पिता और भाई ने मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद आत्महत्या दिखाने के लिए फंदे से लटका दिया गया।
हत्या के बाद रची गई साजिश
हत्या के बाद रिश्तेदार जयप्रकाश, प्रवेश और अन्य लोगों को फोन कर बुलाया गया और प्रेमी प्रमोद, उसकी पत्नी पूनम व उनके रिश्तेदारों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने के लिए फार्मासिस्ट को दी रिश्वत
इस साजिश को पूरा करने के लिए आरोपियों ने बहजोई सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट मधुर आर्य को 50 हजार रुपये रिश्वत दी ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ किया जा सके कि मौत गला दबाने से हुई है, न कि फांसी से। ताकि हत्या का आरोप प्रमोद और उसके परिवार पर जाए।
पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस वार्ता कर बताया कि मामले की तहकीकात में यह साफ हो गया कि मृतका की हत्या उसके परिवार ने की थी और बाद में उसे प्रेमी पर थोपने की कोशिश की गई। फार्मासिस्ट मधुर आर्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने सभी पांच आरोपियों – चंद्रकेश, धर्मेंद्र, जयप्रकाश, प्रवेश और मधुर आर्य – को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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