लखनऊ/इटावा : यह कहानी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं है। मोहब्बत में धोखा, हरिद्वार में ‘पिंडदान’, और घर लौटने पर हत्या-अपहरण के मुकदमे! यह मामला है यूपी के इटावा जिले के कांधनी गांव के 22 वर्षीय अतुल राजपूत का, वह सोमवार रात आलमपुर हौज के एक गेस्ट हाउस में शादी समारोह में जाने की बात कहकर घर से निकला था। मगर, वह देर रात तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। अगले दिन सुबह तक कोई खबर न मिलने पर पिता धर्मेंद्र कुमार ने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शाम को खबर आई कि अतुल को बलरई के गोलापुर गांव में देखा गया था। वहां उसका टूटा मोबाइल और चप्पल मिलने की बात कही गई। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
सड़क जाम और अपहरण-हत्या की आशंका
गांव वालों ने रात में लोहन्ना चौराहे पर जाम लगा दिया और अपहरण व हत्या की आशंका जताई। पुलिस पर दबाव बना, तो सीओ रामगोपाल शर्मा की मौजूदगी में पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।
..और फिर लौट आया ‘अतुल’ खुद ही!
जैसे ही अतुल खुद ही घर लौट आया, सबके चेहरे पर राहत, तो आई लेकिन पुलिस और परिजन दोनों हैरान रह गए। सच्चाई सामने आई, तो मामला भावनाओं, आक्रोश और भ्रम का अद्भुत मिश्रण निकला।
हरिद्वार जाकर किया ‘मोहब्बत का पिंडदान’
अतुल ने पुलिस को बताया कि वह प्रेमिका के धोखे से टूट चुका था। वह जब उससे मिलने गया, तो उसने मिलने से इनकार कर दिया। दिल टूटा, तो सीधा हरिद्वार पहुंच गया, जहां उसने मां गंगा के समक्ष अपनी मोहब्बत का ‘पिंडदान’ कर दिया।”माता रानी से माफ़ी मांगी कि मैंने उस लड़की को परेशान किया, और वहीं उसे छोड़ आया,” अतुल ने भावुक अंदाज में कहा।
अब होगा मुकदमे का ‘पिंडदान’
सीओ रामगोपाल शर्मा ने बताया कि युवक के लौट आने और पूरी सच्चाई सामने आने के बाद पंजीकृत अपहरण और हत्या के मुकदमे को नियमानुसार समाप्त किया जाएगा, एक प्रेम कहानी का अचानक दुखांत मोड़ और हरिद्वार की धार्मिक यात्रा, जो मनोवैज्ञानिक राहत बन गई। मगर, पुलिस प्रशासन की आपात कार्रवाई हुई और अंत में सभी के लिए राहत की सांस
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