मुख्यमंत्री योगी की दरियादिली ने बदली एक बच्ची की ज़िंदगी
गोरखपुर/लखनऊ: यूपी के गोरखपुर की एक होनहार छात्रा पंखुड़ी त्रिपाठी के लिए इस बार स्कूल का पहला दिन जिंदगी भर के लिए खास बन गया। पढ़ाई में होशियार, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते स्कूल छोड़ने की कगार पर पहुंच चुकी पंखुड़ी ने जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता दर्शन में मुलाकात की, तो उसकी किस्मत ही बदल गई। पंखुड़ी त्रिपाठी ने भावुक होकर सीएम से कहा “महाराज जी, मैं पढ़ना चाहती हूं। लेकिन फीस देना मुश्किल हो रहा है। कृपया मेरी मदद कीजिए।”मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत आश्वस्त करते हुए कहा “बिलकुल चिंता मत करो बिटिया, तुम्हारी पढ़ाई नहीं रुकेगी। या तो फीस माफ करवा देंगे, नहीं तो सरकार खुद उसका इंतज़ाम करेगी।”सीएम के इस भरोसे से अभिभूत पंखुड़ी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई, जिसे मुख्यमंत्री ने मुस्कराकर पूरा किया।
परिवार की पृष्ठभूमि: संघर्षों के बीच पढ़ाई का जज़्बा

पंखुड़ी त्रिपाठी, कक्षा 7 की छात्रा, पुरदिलपुर (कोतवाली क्षेत्र), गोरखपुर की रहने वाली है। वह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई करती है। पिता राजीव त्रिपाठी दिव्यांग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। मां मीनाक्षी त्रिपाठी एक दुकान पर नौकरी करती हैं। बड़ा भाई कक्षा 12 में पढ़ता है। फीस भरने में असमर्थ पंखुड़ी ने स्कूल के बजाय मुख्यमंत्री के जनता दर्शन का रुख किया और अपनी पीड़ा सीधे ‘जनसेवक’ तक पहुंचाई।
जनता दर्शन में सुनीं 100 लोगों की समस्याएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में जनता दर्शन के दौरान करीब 100 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी मामलों में अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने दोहराया “जनता की पीड़ा का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी जरूरतमंद योजनाओं से वंचित न रहे।”सीएम ने यह भी कहा कि जिन लोगों को इलाज में मदद की जरूरत है, उनके लिए अस्पतालों से इस्टीमेट लेकर शासन को भेजा जाए।
