अमरोहा /लखनऊ : यूपी के अमरोहा शहर की आवास विकास कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। जिसने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम अवतार सिंह के 21 वर्षीय बेटे अश्वनी सिंह ने अपने घर के कमरे में लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त अश्वनी घर में अकेला था, जब परिजन दवाइयों के लिए मेरठ गए हुए थे। घर लौटने पर दरवाजा बंद मिला और जब दरवाजा खोला गया, तब जो दृश्य परिजनों ने देखा, वह किसी भयावह दुःस्वप्न से कम नहीं था। अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद ने “The Justice Hindi” को बताया कि अभी कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिवार से पता लगा है कि वह घर पे अकेला था। इस मामले में सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।
कमरे में बिखरा खून, रिवाल्वर हाथ के पास

जब बहन शिवानी कमरे में पहुंचीं, तो अश्वनी का शव खून से लथपथ हालत में फर्श पर पड़ा था। दाईं कनपटी पर गोली का गहरा घाव था, जो सिर को चीरती हुई बाहर निकल गई थी। रिवाल्वर शव के पास ही पड़ी थी। बहन की चीख सुनकर माता-पिता और अन्य सदस्य नीचे पहुंचे और देखते ही देखते मोहल्ले में कोहराम मच गया।
पुलिस और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम मौके पर, रिवाल्वर और लैपटॉप जब्त
सूचना मिलने पर सीओ सिटी शक्ति सिंह, इंस्पेक्टर पंकज तोमर और पूरी टीम मौके पर पहुंची। बाद में एएसपी और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अश्वनी का मोबाइल फोन, लैपटॉप और लाइसेंसी रिवाल्वर जब्त कर लिया है।
सीए की पढ़ाई कर रहा था अश्वनी, परिवार में छाया मातम
अश्वनी सिंह अपने परिवार की उम्मीदों का केंद्र था। वह और उसकी बहन सीए की तैयारी कर रहे थे और दिल्ली से पढ़ाई के बाद अमरोहा में रहकर कोचिंग कर रहे थे। जब परिवार मेडिकल कारणों से मेरठ गया, तब वह अकेला घर पर था।
आत्महत्या की वजह अब तक साफ नहीं, परिवार भी स्तब्ध
पुलिस पूछताछ में बसपा नेता राम अवतार सिंह और परिवारजन कोई ठोस कारण नहीं बता सके कि अश्वनी जैसे आत्मविश्वासी और पढ़ाई में अव्वल युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पुलिस हर दृष्टिकोण से मामले की जांच कर रही है। मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव, कोई निजी कारण या अचानक का निर्णय, सब संभावनाएं खुली हैं।
तीन दशकों से शहर में रह रहे थे बसपा नेता, बेटा था सबसे बड़ा सहारा
राम अवतार सिंह, मूल रूप से खंडसाल कलां (थाना नौगांव सादात) के रहने वाले हैं और पिछले 30 वर्षों से आवास विकास कॉलोनी, अमरोहा में निवास कर रहे थे। वर्ष 2007 में शिक्षण कार्य छोड़कर राजनीति में आए राम अवतार ने बसपा जिलाध्यक्ष और मुरादाबाद मंडल प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले। परिवार में पत्नी किरन लता, बेटी शिवानी और बेटे अश्वनी के साथ उनका जीवन एक सामान्य, लेकिन प्रेरक संघर्ष की कहानी था, जो अब अचानक थम गई है।
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