50 लाख के निर्माण घोटाले का आरोप, शासनादेश तोड़कर चहेती फर्मों को ठेका देने का मामला
लखनऊ : भ्रष्टाचार के आरोप में उत्तर प्रदेश सरकार ने बलिया जल निगम (नगरीय) के प्रभारी अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता अंकुर श्रीवास्तव को सेवा से बर्खास्त कर दिया। अंकुर श्रीवास्तव पर आरोप था कि उन्होंने बिना शासनादेश के सात फर्मों को 50 लाख रुपये के निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया। इस दौरान वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत उच्च स्तर पर हुई।
जानें पूरा मामला
21 अगस्त को अंकुर श्रीवास्तव को निलंबित किया गया था। जांच के बाद सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया। शासन ने 33 लाख 45 हजार 256 रुपये की वसूली के निर्देश भी दिए हैं। इसके बाद जांच में पाया गया है कि अभियंता ने उच्च स्तर से न तो अनुमति ली और न ही सक्षम स्तर से आदेश प्राप्त किए। इसके बावजूद चहेती फर्मों को निर्माण कार्य का लाभ पहुंचाया।
