उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा देने निकले छात्रों के लिए सोमवार का दिन काला साबित हुआ। अलग-अलग जिलों में हुए तीन दर्दनाक सड़क हादसों में 5 परीक्षार्थियों की मौत हो गई, जबकि 18 छात्र और लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। परीक्षा केंद्र तक पहुँचने से पहले ही कई घरों के चिराग बुझ गए। ये सभी हादसे उस समय हुए, जब छात्र परीक्षा देने की जल्दबाज़ी में अपने घरों से निकले थे।
रामपुर: ट्रैक्टर ने रौंदे चार परीक्षार्थी, तीन की मौत
पहली और सबसे दर्दनाक घटना रामपुर जिले की है। यहां हाईस्कूल के चार छात्र दो बाइकों से परीक्षा देने जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े सात बजे सरकथल गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दोनों बाइकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों छात्र सड़क पर गिर पड़े और ट्रैक्टर उन्हें रौंदता हुआ निकल गया। हादसे में विनय शर्मा (16), मनु चौहान (17) और अरुण सैनी (18) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विनीत (17) गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल छात्र को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। चारों छात्र फत्तावाला गांव के रहने वाले थे और रेनबो इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया है और उसकी तलाश जारी है।
लखीमपुर खीरी: मैजिक और ट्रक की टक्कर, एक छात्र की मौत, 15 घायल
दूसरी घटना लखीमपुर खीरी जिले में हुई, जहां 10वीं की परीक्षा देने जा रहे छात्रों से भरी एक मैजिक गाड़ी सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में 17 वर्षीय चंचल पुत्र दीवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर समेत 15 छात्र-छात्राएं घायल हो गए। हादसा पढ़ुआ थाना क्षेत्र के ढखेरवा-धौरहरा हाईवे पर हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि मैजिक गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई छात्र अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सभी छात्र इंग्लिश का पेपर देने जा रहे थे।
प्रयागराज: संस्कृत बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्र की मौत
तीसरी घटना प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र की है। यहां संस्कृत बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे तीन छात्रों की बाइक को पीछे से आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में 16 वर्षीय शाहिद अली की मौत हो गई, जबकि दो अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक शाहिद अली पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष का छात्र था और अपने साथियों के साथ परीक्षा केंद्र जा रहा था। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
परीक्षा के दबाव में जान का जोखिम, सिस्टम पर उठे सवाल
इन तीनों हादसों ने परीक्षा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूर-दराज के परीक्षा केंद्र, सीमित परिवहन साधन और समय का दबाव छात्रों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर कर रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के दौरान यह घटनाएं प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था के लिए एक चेतावनी हैं। अब जरूरत है कि छात्रों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि परीक्षा देने निकले बच्चों की जान दोबारा यूं न जाए।
