हरियाणा : नूंह जनपद में मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया। उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद की कोतवाली उरई पुलिस टीम, जो एक अपहरण मामले में कार्रवाई करने हरियाणा गई थी, उसी दौरान यह टीम हादसे का शिकार हो गई। इस भीषण दुर्घटना में चार पुलिसकर्मियों समेत एक वादी की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली उरई में दर्ज एक अपहरण मामले में अपहृत व्यक्ति की बरामदगी के लिए पुलिस टीम हरियाणा रवाना हुई थी। टीम आरोपियों की तलाश करते हुए नूंह जिले के तावड़ू सदर थाना क्षेत्र में पहुंची थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जब पुलिस टीम अपनी गाड़ी से आगे बढ़ रही थी, तभी ओवरटेक करने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित हो गया। इसी दौरान सामने से आ रहे एक अन्य वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस हादसे में उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी प्रदीप कुमार (सर्विलांस सेल) और आरक्षी अशोक कुमार (कोतवाली उरई) की मौके पर ही मौत हो गई। इनके अलावा मुकदमे के वादी अमरीक सिंह, जो पंजाब के संगरूर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ पांच लोगों की मौत से पुलिस विभाग के साथ-साथ मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत-बचाव दल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। सभी शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया गया।
इस घटना को लेकर जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली उरई की टीम एक अपहरण मामले में दबिश देने हरियाणा गई थी और इसी दौरान यह हादसा हुआ। उन्होंने पुष्टि की कि दुर्घटना में चार पुलिसकर्मियों और एक वादी की मौत हुई है। फिलहाल हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
इस हृदयविदारक हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृत पुलिसकर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर सभी मृतकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र उनके परिजनों तक पहुंचाया जाए और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।
एक साथ पांच लोगों की मौत से जालौन समेत कन्नौज, कासगंज, रायबरेली और बांदा जिलों में शोक का माहौल है। मृतकों के घरों पर मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा न केवल पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग जैसी लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, यह घटना उसका एक दर्दनाक उदाहरण बनकर सामने आई है।
