सिद्धार्थनगर/लखनऊ : यूपी के सिद्धार्थनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। रविवार सुबह कठेला समय माता थाना क्षेत्र के बड़ुइया गांव में बूढ़ी राप्ती नदी में एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। शवों की पहचान माया (28 वर्ष), उसकी बेटी मोनिका (6 वर्ष) और बेटे शिवांश (2 वर्ष) के रूप में हुई। हैरान करने वाली बात यह थी कि दोनों बच्चे माया की कमर से बंधे थे, और यही दृश्य गांववालों की आंखें नम कर गया।
झगड़े के बाद छोड़ा घर, फिर नहीं लौटी
परिवार के अनुसार, माया की अपनी सास फूलमती से कहासुनी हो गई थी। घर में कोई पुरुष नहीं था, जो स्थिति संभाल पाता। कहासुनी के बाद माया दोनों बच्चों को लेकर घर से निकली और फिर कभी वापस नहीं लौटी। ग्रामीणों ने नदी में तीन शवों को तैरते देखा। पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी सीओ सुजीत राय ने मीडिया को बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गृहक्लेश के चलते आत्महत्या का लगता है।
दहेज उत्पीड़न का आरोप, दर्ज हुआ केस
माया के भाई अशोक कुमार चौहान ने थाने में दी गई तहरीर में दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। अशोक ने कहा “मेरी बहन को शादी के बाद से ही सास, पति और ससुर लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। बहन ने कई बार बताया कि सास झगड़ती है और पति भी साथ नहीं देता।”पुलिस ने IPC की धारा 498A और 306 (उत्पीड़न व आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच जारी है।
गांव में आक्रोश और अफसोस, बच्चों को भी नहीं खोजा गया…
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विवाद के बाद माया को घर से निकलता देखा गया था, तो कम से कम किसी को बच्चों की खोजबीन तो करनी चाहिए थी। शायद समय रहते कुछ किया जाता तो ये त्रासदी टल सकती थी। एक महिला ग्रामीण ने कहा कि “बच्चों को भी कमर से बांधकर ले जाना… ये सोचकर ही रूह कांप जाती है। क्या गुज़री होगी उस मां पर?”
पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सुजीत राय ने मीडिया को बताया कि “मामले की जांच की जा रही है,जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
