संभल : उत्तर प्रदेश के संभल से इस वक्त की बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है, जहां तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर लोगों की जिंदगियां छीन ले गया। रविवार शाम आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में महिला समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा धनारी थाना क्षेत्र के गांव उधरनपुर के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार कार और टेंपो के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टेंपो की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक था उसकी बॉडी पूरी तरह पिचक गई और आधी से ज्यादा दबकर अंदर घुस गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायल लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, जबकि कुछ लोग बेहोश हो चुके थे। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। इसी बीच किसी ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पांच लोगों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही से ओवरटेक करना था। अर्टिगा कार बहजोई से बरवाला की तरफ जा रही थी, जबकि टेंपो बहजोई की ओर आ रहा था। इसी दौरान कार चालक ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार के कारण नियंत्रण खो बैठा और सीधे सामने से आ रहे टेंपो से टकरा गया।
बताया जा रहा है कि टेंपो में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 12 लोग सवार थे, जबकि कार में ड्राइवर समेत दो लोग बैठे थे। हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें थाना बहजोई के पाठकपुर की मड़ैया निवासी 20 वर्षीय राजेश, रायपुर कला की 14 वर्षीय रजनी, थाना धनारी के मानकपुर की 40 वर्षीय किशोरी और गुन्नौर निवासी जमीला शामिल हैं। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा जख्म दिया है। मृतक राजेश के पिता कल्लू ने बताया कि उनका बेटा गंगा स्नान के लिए घर से निकला था और रास्ते में टेंपो में सवार हो गया। उन्होंने रोते हुए कहा कि राजेश की शादी एक महीने बाद होने वाली थी और वह उनका इकलौता बेटा था। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
वहीं, हादसे में घायल रजनी की मां प्रवेश ने बताया कि वे अपने पति ओमपाल के साथ दिल्ली में रहकर ठेला लगाकर गुजारा करती हैं। वह परिवार के साथ उसी दिन दिल्ली से गांव लौट रहे थे और घर पहुंचने में सिर्फ दस मिनट का समय बाकी था, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। उनकी आंखों में आंसू थे और आवाज में दर्द साफ झलक रहा था। घायलों में रजनी के पिता ओमपाल, मां प्रवेश, बहन सलोनी और छोटा भाई कुलदीप भी शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है। इसके अलावा टेंपो और कार में सवार अन्य लोग भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। क्षेत्राधिकारी बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक सड़कों पर लापरवाही और तेज रफ्तार का यह खेल यूं ही चलता रहेगा। जरा सी गलती और जल्दबाजी ने चार लोगों की जान ले ली और कई परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया।
