वोटर लिस्ट से नाम डिलीशन पर नेता प्रतिपक्ष का नया खुलासा, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
नई दिल्ली/लखनऊ : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने वोटर डिलीशन के कथित मामले को लेकर कहा कि “चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा, चोरों को बचाता रहा।”राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का 36 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा “सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ… ऐसे भी हुई वोट चोरी!” उनका आरोप है कि दलित, ओबीसी, आदिवासी और महिला वोटरों के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से हटाए गए और इस साजिश को खुद चुनाव आयोग ने शह दी।
कर्नाटक में पकड़ी कांग्रेस प्रत्याशी ने धांधली
राहुल गांधी का आरोप है कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी ने वोटर लिस्ट में धांधली पकड़ी थी। इसके बाद स्थानीय चुनाव आयोग ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने सीआईडी की जांच रोक दी। राहुल के मुताबिक, पिछले 18 महीनों में कर्नाटक सीआईडी ने 18 बार सबूत मांगे, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई सहयोग नहीं किया। मतदाता सूची से नाम हटाने वालों के आईपी एड्रेस, डिवाइस पोर्ट और ओटीपी डिटेल्स को छिपा लिया गया। राहुल का दावा है कि अगर, यह साजिश सामने न आती, तो कांग्रेस उम्मीदवार के 6,018 वोट डिलीट हो जाते और हार तय थी।
चुनाव आयोग ने दी सफाई
राहुल गांधी के आरोपों के तुरंत बाद चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया। आयोग ने कहा “किसी भी आम आदमी का वोट ऑनलाइन डिलीट नहीं किया जा सकता। सुनवाई और नोटिस के बिना मतदाता सूची से नाम नहीं हटाया जा सकता।”आयोग ने माना कि 2023 कर्नाटक चुनाव में अलंद सीट पर कुछ नाम हटाने का प्रयास हुआ था, लेकिन उसी वक्त एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। आयोग के अनुसार यह मामला पहले ही सुलझाया जा चुका है, और राहुल गांधी के ताज़ा आरोप “मुख्य चुनाव आयुक्त की छवि धूमिल करने की कोशिश” हैं।
