बेंगलुरु/ नई दिल्ली : नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक से जुड़े एक बड़े खुलासे में BJP और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र की जांच में 1,00,250 वोट चोरी किए गए, जो कुल वोटों का लगभग हर 6 में से 1 वोट है।
6 महीने की जांच, चौंकाने वाले नतीजे
राहुल गांधी ने बताया कि इस डेटा को जुटाने में उनकी टीम को 6 महीने का समय लगा। हर एक नाम की जांच की गई। हर फोटो को लाखों तस्वीरों से मैच किया गया, इसके बाद नतीजों में सामने आया कि जहां-जहां नए वोटर जुड़े, वहां BJP को जीत मिली।
कर्नाटक डेटा अपराध का सबूत
उन्होंने कहा, “कर्नाटक का यह डेटा अपराध का सबूत है। अगर इसे कोई मिटाता है तो इसका मतलब है कि वह सबूत मिटा रहा है।”राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से डिजिटल वोटर लिस्ट और CCTV फुटेज मांगे, लेकिन उनके मुताबिक ECI ने न सिर्फ मदद से इनकार किया, बल्कि वीडियो देने का कानून भी बदल दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग से किए 5 सीधे सवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से पांच सवाल किए। इसमें विपक्ष को डिजिटल वोटर लिस्ट क्यों नहीं दी जा रही?। CCTV और वीडियो सबूत क्यों मिटाए जा रहे हैं?। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी क्यों की गई?। विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने का कारण क्या है?। क्या ECI अब BJP का एजेंट बन चुका है?।
राहुल ने BJP पर साधा सीधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा, “अगर हमें चुनाव आयोग से इलेक्ट्रॉनिक डेटा मिल जाए, तो हम डंके की चोट पर साबित कर देंगे कि नरेंद्र मोदी वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं।”
