राहुल गांधी ने कहा- कांग्रेस पहले ही महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन कर चुकी, परिसीमन से जोड़ने पर केंद्र से पूछा सवाल
नई दिल्ली: महिला आरक्षण कानून को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की चुनौती का जवाब दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक का पहले ही पूरे समर्थन के साथ समर्थन कर चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि वर्ष 2023 में पारित कानून अब तक लागू क्यों नहीं किया गया और महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से क्यों जोड़ा जा रहा है।
राहुल गांधी ने बिना शर्त आरक्षण लागू करने की मांग की
राहुल गांधी ने कांग्रेस का रुख दोहराते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को बिना किसी शर्त के लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक संसद में कांग्रेस के समर्थन से पारित हो चुका है। ऐसे में इसे लागू करने में देरी का कारण सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ रही है। कांग्रेस की मांग है कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण बिना किसी अतिरिक्त शर्त के दिया जाए।
रिजिजू ने कांग्रेस को दी थी चुनौती
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के महिलाओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को सकारात्मक संदेश बताते हुए कांग्रेस से महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करने की चुनौती दी थी। रिजिजू ने कहा था कि राहुल गांधी की महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव दिखाई दे रहा है और उम्मीद है कि कांग्रेस अब महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करेगी।
कांग्रेस ने परिसीमन से जोड़ने का किया विरोध
कांग्रेस और विपक्षी दल महिला आरक्षण के पक्ष में रहे हैं, लेकिन परिसीमन की प्रक्रिया से इसे जोड़ने का विरोध करते रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए परिसीमन पूरा होने की शर्त नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए सरकार से 2023 में पारित कानून को बिना शर्त लागू करने की मांग की है।
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। हालांकि, इसके प्रभावी क्रियान्वयन को परिसीमन और उससे जुड़ी आगे की संवैधानिक प्रक्रिया से जोड़ा गया है।
महिला आरक्षण पर फिर तेज हुई सियासी बहस
राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए, जबकि सरकार परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में संसद में इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
