नई दिल्ली : मनरेगा को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म कर वीबी-जी-राम-जी नाम से नया कानून लाए जाने को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर सीधे तौर पर गरीब विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार गरीबों के बजाय नौकरशाहों को प्राथमिकता दे रही है और सत्ता का केंद्रीकरण किया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार लोगों को काम और सम्मानजनक जीवन देना था, लेकिन मौजूदा सरकार उस सोच के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता को अपने हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं और इसे नौकरशाही को सौंप रहे हैं। इसका नतीजा यह होगा कि गरीबों को भूखे मरने के लिए छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार के नाम पर गरीबों से उनका सुरक्षा कवच छीना जा रहा है। राहुल गांधी ने मनरेगा से महात्मा गांधी के नाम को हटाने की भी निंदा की और इसे देश की मूल विचारधारा और सामाजिक न्याय पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि कांग्रेस देशभर में मनरेगा बचाओ अभियान चला रही है और सरकार के फैसले के खिलाफ सड़क से संसद तक आवाज उठाई जाएगी।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इन दिनों अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर हैं। दौरे के पहले दिन उन्होंने राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में यूथ स्पोर्ट्स एकेडमी रायबरेली द्वारा आयोजित रायबरेली प्रीमियर लीग का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने मनरेगा को खत्म करने के खिलाफ आयोजित जनसभा को संबोधित किया और स्थानीय लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों का भी उद्घाटन किया। दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी अपने गेस्ट हाउस में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने जानकारी दी है कि नए कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इसके तहत उत्तर प्रदेश में 30 महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा, जिनके जरिए सरकार की नीतियों के खिलाफ जनमत तैयार किया जाएगा।
