2027 में सपा सरकार का दावा,बोले -भाजपा षड्यंत्र रच रही है!
लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग की कक्षा 7 की संस्कृत परीक्षा में पूछी गई एक पहेली को लेकर प्रदेश में नया विवाद खड़ा हो गया है। सवाल “बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है परंतु पंडित नहीं है” पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “समाज विशेष का अपमान” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रश्न जानबूझकर सत्ता के इशारे पर शामिल किए जा रहे हैं और इससे एक वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है।
सवाल पर उठे बड़े सवाल

एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि असली मुद्दा केवल प्रश्न नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली व्यवस्था पर भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संबंधित समाज के लोग भी उस समिति में होते, तो क्या ऐसा प्रश्न शामिल किया जाता।
पोस्ट में सरकार पर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने अपने बयान में कई काल्पनिक प्रश्नों का उदाहरण देते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति समाज में विभाजन पैदा कर सकती है।
पहले भी हो चुका है विवाद
इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस की SI भर्ती परीक्षा में भी ‘पंडित’ शब्द से जुड़े सवाल पर विवाद हो चुका है। अब संस्कृत परीक्षा के सवाल ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। फिलहाल इस मुद्दे पर शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में साधा निशाना
सपा मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आयोजित ‘डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग’ कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र खतरे में है और संवाद की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक सोच से ही लोकतंत्र मजबूत हो सकता है।
भाजपा पर आरोप, सपा तैयार: अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार झूठ और अफवाह के जरिए राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा इन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है और कार्यकर्ताओं को अनुशासन व संयम बनाए रखने की सलाह दी।
सपा इफ्तार में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, अखिलेश बोले-भाईचारा ही देश की ताकत
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कैंट स्थित आवास पर आयोजित रोजा इफ्तार में अखिलेश यादव शामिल हुए। उनके साथ राजेन्द्र चौधरी और श्याम लाल पाल समेत कई नेता मौजूद रहे। इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि भारत की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे में है। उन्होंने कहा कि होली और ईद जैसे त्योहार मिल-जुलकर मनाने से समाज मजबूत होता है।इफ्तार में शहर के गणमान्य लोगों ने शिरकत की और देश-प्रदेश में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ की गई।
