हेमंत चौधरी और मयंक गोस्वामी को शुक्रवार को लखनऊ में मिली थी नई जिम्मेदारी, शनिवार को शासन ने दोनों के तैनाती आदेश किए निरस्त; दोनों के खिलाफ दर्ज है रिपोर्ट
पीलीभीत: सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में घिरे दोनों उपजिलाधिकारियों को लेकर शासन ने अपना फैसला फिर बदल दिया है। पहले दोनों अधिकारियों का पीलीभीत से तबादला कर लखनऊ में अलग-अलग पदों पर तैनाती दी गई थी, लेकिन अगले ही दिन उनकी प्रस्तावित तैनाती निरस्त कर दी गई। नए आदेश के तहत एसडीएम हेमंत कुमार चौधरी और एसडीएम मयंक गोस्वामी को प्रतीक्षारत कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में शहर कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज है।
शुक्रवार को मिली थी लखनऊ में नई जिम्मेदारी
नियुक्ति विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में हेमंत कुमार चौधरी को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया गया था। वहीं, मयंक गोस्वामी को चकबंदी मुख्यालय, लखनऊ में बंदोबस्त अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों अधिकारी इससे पहले पीलीभीत में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थे। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद शासन ने उन्हें पीलीभीत से हटाकर लखनऊ में तैनाती दी थी।
शनिवार को दोनों की तैनाती के आदेश निरस्त
शुक्रवार को जारी आदेश के बाद शनिवार को शासन की ओर से नया आदेश जारी किया गया। इसमें हेमंत कुमार चौधरी और मयंक गोस्वामी की लखनऊ में प्रस्तावित तैनाती निरस्त कर दी गई। दोनों अधिकारियों को अब प्रतीक्षारत रखा गया है। इस फैसले के बाद फिलहाल दोनों अधिकारियों को कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले से शुरू हुआ यह प्रशासनिक घटनाक्रम लगातार चर्चा में बना हुआ है। शासन के बदले हुए फैसले के बाद अब दोनों अधिकारियों की अगली तैनाती को लेकर भी निगाहें बनी हुई हैं।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
