अमरिया थाना क्षेत्र के जिठनिया गांव में छह दिन से लापता थी 65 वर्षीय महिला, बेटे की तहरीर पर दामाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के जिठनिया गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक दामाद पर अपनी 65 वर्षीय सास मोहनदेई की हत्या कर शव को बूंगे यानी उपलों के ढेर में जलाकर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगा है। छह दिन से लापता महिला की तलाश के दौरान बेटे ने गांव वालों के साथ बूंगे की राख हटाई तो उसमें जली हुई हड्डियां और चूड़ियों के अवशेष मिले। इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
31 जुलाई की रात सास के घर पहुंचा था आरोपी
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, जिठनिया निवासी सुरेश कुमार की 65 वर्षीय मां मोहनदेई गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास बने मकान में अकेली रहती थीं। आरोप है कि 31 जुलाई की रात उनकी बेटी मीना कुमारी का पति महेंद्रपाल, निवासी हरहरपुर धुरा, उनके घर पहुंचा था और रात वहीं रुका था। परिजनों के अनुसार, महेंद्रपाल का अपनी सास से लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया गया है कि मोहनदेई अपनी बेटी मीना को समय-समय पर अपने पास रहने के लिए बुलाती थीं, जिसको लेकर महेंद्रपाल नाराज रहता था।
हत्या के बाद शव जलाने का आरोप
सुरेश कुमार ने तहरीर में आरोप लगाया है कि 31 जुलाई की रात महेंद्रपाल ने मौका पाकर मोहनदेई की हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर के पास बने बूंगे में रखकर आग लगा दी, ताकि हत्या के साक्ष्य मिटाए जा सकें। आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
छह दिन तक परिजन करते रहे तलाश
परिजनों के मुताबिक, अगले दिन से मोहनदेई का कोई पता नहीं चला। परिवार ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। लगातार छह दिन तक तलाश के बाद सुरेश को घर के पास बने बूंगे पर संदेह हुआ।
राख हटाई तो मिली जली हड्डियां और चूड़ियां
बृहस्पतिवार रात सुरेश गांव के कुछ लोगों के साथ बूंगे पर पहुंचा और राख हटानी शुरू की। राख के अंदर जली हुई हड्डियां और चूड़ियों के अवशेष दिखाई दिए। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही अमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राख में मिले मानव अवशेष और अन्य साक्ष्य कब्जे में लिए। मामले में फोरेंसिक टीम की मदद से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को किस तरह जलाया गया।
बेटे की तहरीर पर हत्या का मुकदमा
सुरेश कुमार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने महेंद्रपाल के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज
शव पूरी तरह जल जाने के कारण मामले की जांच में फोरेंसिक परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राख से मिले हड्डियों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर बरामद अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण भी कराया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि बरामद अवशेष मोहनदेई के ही हैं या नहीं।
गांव में दहशत, परिजनों ने मांगी कड़ी कार्रवाई
घटना के बाद जिठनिया गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि एक दामाद पर अपनी सास की हत्या कर शव जलाने जैसा गंभीर आरोप लगा है। वहीं मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। पीलीभीत की पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के अनुसार, मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
