23 और 24 सितंबर को युगवीणा में होगा होम कम्पोस्टिंग कार्यक्रम, सिंगल यूज प्लास्टिक कम करने और गीला-सूखा कचरा अलग रखने को लेकर नागरिकों को किया जाएगा जागरूक
बरेली : स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और घर से निकलने वाले कचरे के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छावनी परिषद बरेली की ओर से ‘Say No to Plastic’ थीम पर Home Composting Programme आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 23 और 24 सितंबर, 2026 को सुबह 11:30 बजे युगवीणा, बरेली छावनी में आयोजित होगा।कार्यक्रम के दौरान नागरिकों और प्रतिभागियों को घरों से निकलने वाले गीले एवं जैविक कचरे से घरेलू स्तर पर कम्पोस्ट तैयार करने की सरल प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कचरे को स्रोत पर ही अलग करने और उसके उचित प्रबंधन के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
गीले और सूखे कचरे को अलग रखने पर जोर
छावनी परिषद के इस कार्यक्रम में लोगों को घरों से निकलने वाले कचरे को गीला और सूखा अलग -अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जैविक कचरे का घरेलू स्तर पर इस्तेमाल कर कम्पोस्ट तैयार करने से कचरे की मात्रा को कम करने और उसे उपयोगी संसाधन में बदलने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी का संदेश
कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘Say No to Plastic’ रखी गई है।इसके माध्यम से दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही घरेलू स्तर पर कचरे के पुनः उपयोग और बेहतर प्रबंधन की आदत विकसित करने पर जोर रहेगा।
‘कचरा समस्या नहीं, संसाधन बने’ का संदेश
छावनी परिषद का उद्देश्य है कि कचरे को केवल समस्या के रूप में न देखा जाए, बल्कि उसका उचित प्रबंधन कर उसे संसाधन में बदला जाए। घरों में कम्पोस्टिंग को बढ़ावा मिलने से जैविक कचरे को स्थानीय स्तर पर उपयोगी खाद में बदला जा सकता है और लैंडफिल तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत पहल
छावनी परिषद के अनुसार यह कार्यक्रम स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है। परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘Say No to Plastic’के संदेश को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और स्वच्छ,हरित एवं पर्यावरण -अनुकूल बरेली छावनी के निर्माण में सहयोग करें। कार्यक्रम का संदेश है-“घर का गीला कचरा-घर की खाद,प्लास्टिक को कहें ना- पर्यावरण का रखें ध्यान।”
