पूर्व सीएम ने निवेश और विकास पर बीजेपी को घेरा, 2027 में सपा सरकार का लक्ष्य,PDA से नहीं हटेंगे
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी सरकार बनाने के लिए लोकतंत्र, संविधान, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद को बचाना जरूरी है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि भाजपा झूठ, भ्रम और षड्यंत्र की राजनीति करती है और विरोधियों को झूठे मुकदमों में फंसाती है।
‘PDA पॉजिटिव, NDA निगेटिव’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को साथ लेकर चलने का सकारात्मक विचार है, जबकि भाजपा का एनडीए नकारात्मक राजनीति का प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा पीडीए को बदनाम करने की कोशिश करेगी, इसलिए सतर्क रहें और संगठन को मजबूत करें।
भाजपा पर निवेश और विकास को लेकर सवाल
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने नौ वर्षों में कोई ठोस विकास कार्य नहीं किया और प्रदेश में निवेश नहीं आया। उन्होंने कहा कि किसान, नौजवान, महिलाएं और व्यापारी सभी वर्ग परेशान हैं। उन्होंने धार्मिक मुद्दों पर भी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि सपा सभी महापुरुषों का सम्मान करती है और भाजपा ने संत समाज का अपमान किया है।
सपा का 2027 पर फोकस
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि जनता भाजपा से निराश है और बदलाव चाहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि 2027 में सपा की सरकार बनाने के लिए अभी से बूथ स्तर तक तैयारी शुरू करें और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएं। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अज़ीज़ कुरैशी की दूसरी पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सपा मुख्यालय पर मिजोरम, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ कुरैशी की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म ख़ान द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का भी उल्लेख किया गया। इसको अज़ीज़ कुरैशी ने अपने राज्यपाल कार्यकाल में मान्यता प्रदान की थी। श्रद्धांजलि सभा में अज़ीज़ कुरैशी के भांजे और सपा के राष्ट्रीय सचिव सूफियान कुरैशी सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
