लखनऊ : यूपी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जुलाई की सैलरी, तभी मिलेगी जब वे ‘मिशन कर्मयोगी’ पोर्टल पर ऑनलाइन कोर्स करके परीक्षा पास करेंगे। बिना ‘कर्मयोगी प्रमाणपत्र’ के सैलरी रोक दी जाएगी।
यह नियम सभी स्थायी और संविदा कर्मचारियों पर लागू
परीक्षा Karmayogi Bharat Portal पर ऑनलाइन देनी होगी। पास होने पर मिलेगा प्रमाणपत्र, तभी जारी होगी जुलाई की सैलरी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने, सेवा सुधारने, और टेक्नोलॉजी से अपडेट रहने के मकसद से उठाया गया है। मिशन कर्मयोगी का लक्ष्य है कि सभी सरकारी कर्मचारी समय के साथ सीखते रहें। ग्रामीण इलाकों में चुनौतियां काफी हैं। कई गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। अनेक स्वास्थ्यकर्मी अभी भी डिजिटल सिस्टम में सहज नहीं हैं। समय की कमी, तकनीकी सहायता का अभाव बन रहा है बड़ी अड़चन है। स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने कहा-“हम मरीजों के इलाज में व्यस्त रहते हैं। गांव में नेट भी नहीं चलता। अब ऑनलाइन परीक्षा कहां से दें?”
क्या है मिशन कर्मयोगी?
यह केंद्र सरकार की डिजिटल ट्रेनिंग स्कीम है। कर्मचारियों को Anywhere-Anytime Learning की सुविधा मिलती है। कोर्स में Ethics, Behaviour, Efficiency & Productivity जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। पास होने पर प्रमाणपत्र मिलता है, जो अब अनिवार्य हो चुका है।
