पूर्णिया सांसद ने खान-पान को लेकर बयानबाजी पर उठाए सवाल, बोले- देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को समझना जरूरी
नई दिल्ली: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने रामपुर के पुलिस अधीक्षक के कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने खान-पान और बीफ को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले यह बताया जाना चाहिए कि बीफ खाने वाले लोगों को किस नजर से देखा जाता है। उनके बयान के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ने के आसार हैं।
रामपुर एसपी के कथित बयान पर सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति या समुदाय की खान-पान की आदतों को आधार बनाकर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों की खान-पान की परंपराएं अलग हैं। ऐसे में किसी एक नजरिये को पूरे देश पर लागू करना सही नहीं है।
सावरकर का किया जिक्र
अपने बयान के दौरान पप्पू यादव ने विनायक दामोदर सावरकर का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सावरकर के खान-पान को लेकर भी अलग-अलग दावे और चर्चाएं रही हैं। पप्पू यादव ने उत्तर-पूर्व और गोवा सहित देश के विभिन्न हिस्सों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हिंदू और सनातन परंपरा को मानने वाले कुछ लोग भी बीफ का सेवन करते हैं।
खान-पान की राजनीति पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि भारत में अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों की खान-पान की परंपराएं रही हैं। ऐसे में खान-पान को लेकर किसी समुदाय को अपराधी या गलत ठहराने वाली सोच पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि देश की विविधता को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को बयान देते समय संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।
बयान के बाद सियासी विवाद के आसार
पप्पू यादव की टिप्पणी सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। रामपुर एसपी के कथित बयान और उस पर सांसद की प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आने का इंतजार है।
