सिविल लाइंस पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के 13 सदस्यों को पकड़ा, कमीशन पर बैंक खाते खुलवाकर कराते थे ठगी की रकम का लेनदेन
मुरादाबाद: मुरादाबाद की सिविल लाइंस पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 13 कथित साइबर हैकरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर भोले-भाले लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने का आरोप है।
कमीशन पर खुलवाते थे बैंक खाते
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी कमीशन के लालच में लोगों के बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। गिरोह से जुड़े लोग बैंक खाताधारकों को कमीशन का लालच देकर उनके खाते साइबर अपराधियों के लिए उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को आगे भेजने का काम किया जाता था।
करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब तक करोड़ों रुपये की साइबर ठगी और हेराफेरी कर चुका है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर लोगों को निशाना बनाकर बैंक खातों के जरिए रकम का लेनदेन करते थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
13 साइबर हैकर गिरफ्तार
सिविल लाइंस पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान साइबर अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
नकदी समेत अन्य सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से नकदी के साथ अन्य सामान भी बरामद किया है। बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस साइबर ठगी के इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी सिटी ने दी कार्रवाई की जानकारी
एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि सिविल लाइंस पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा कमीशन पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
