मथुरा: यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे ने ऐसा कहर बरपाया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 3:30 बजे बलदेव थाना क्षेत्र के 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास दृश्यता लगभग शून्य हो चुकी थी। इसी दौरान एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर के कुछ ही पलों में कई वाहनों में आग लग गई और एक्सप्रेस-वे पर चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार चार शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। कई शव बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे पहचान में कठिनाई आ रही है।
जब सड़क सुलगती है, तो सपने राख हो जाते हैं
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कोहरा इतना घना था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। अचानक आगे चल रहे वाहन ने ब्रेक लगाया और पीछे से आ रही बस उससे टकरा गई। देखते ही देखते कई वाहन चपेट में आ गए। टक्कर के बाद तेज धमाकों के साथ आग भड़क उठी। यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। कानपुर निवासी अमन यादव ने बताया कि वह दोस्तों के साथ बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। अचानक सामने से टक्कर हुई और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। वहीं, हमीरपुर की नसीमा ने बताया कि वह पति के साथ मजदूरी करने पानीपत जा रही थीं। उनकी बस में आग लग गई, किसी तरह जान बची, लेकिन पति गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक पल की चूक, कई घरों का उजड़ना
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घायलों को जिला अस्पताल मथुरा, 100 शैय्या अस्पताल वृंदावन और गंभीर घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया। 38 घायल जिला अस्पताल में और 39 बलदेव सीएचसी में भर्ती हैं। हादसे के बाद आगरा से नोएडा की ओर जाने वाले एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से नियंत्रित किया।
सुरक्षित सफर ही सच्ची श्रद्धांजलि
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है क्या घने कोहरे में रफ्तार पर लगाम लगाना हमारी जिम्मेदारी नहीं? यमुना एक्सप्रेस-वे पर फैली राख आज भी उस भयावह सुबह की गवाही दे रही है।
