मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमिता की उड़ान को बताया ‘न्यू यूपी’ की रीढ़, बोले- अब युवा नौकरी नहीं, बिज़नेस देंगे
लखनऊ : यूपी के युवा अब नौकरी नहीं मांगते, बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं। यही संदेश लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को “युवा कॉन्क्लेव एंड एक्सपो 2025” का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश का बाजार चीन के उत्पादों से भरा रहता था, लेकिन अब ‘ODOP, एक जिला, एक उत्पाद’ का जलवा हर कोने में दिख रहा है। “2017 से पहले ओडीओपी था, लेकिन तब की सरकारें परिवारवाद में उलझी थीं। हमने एमएसएमई सेक्टर को जिंदा किया और युवाओं को रोजगार का विकल्प दिया।”
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना: जॉब सीकर से जॉब गिवर बनने की कहानी
सीएम योगी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना अब महज़ सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए “लाइफ चेंजर” बन चुकी है। सरकार ब्याज और गारंटी दोनों की जिम्मेदारी ले रही है। 10 फीसद मार्जिन मनी भी राज्य सरकार दे रही है। अब तक 2751 करोड़ रुपये 68,000 युवाओं को दिए जा चुके हैं।
ज्ञान नहीं तो पैसा बेकार, पैसा नहीं तो आइडिया बेकार
सीएम योगी ने कहा कि”विश्वविद्यालय टापू जैसे हो गए हैं। उन्हें न राज्य की योजनाओं का ज्ञान होता है, न केंद्र की जो छात्र बाहर निकलते हैं, वो असमंजस में रहते हैं। ऐसे युवाओं के लिए यह योजना रास्ता दिखा रही है।” यही कारण है कि सरकार ने 1100 छात्रों को सीधे इस मंच से जोड़ा है और विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किए हैं।
10 लाख नए इंटरप्रेन्योर का लक्ष्य
अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार और उद्योग निदेशक के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि अगले एक साल में 10 लाख नए इंटरप्रेन्योर बनाने का लक्ष्य है। इस कॉन्क्लेव को एक “वन स्टॉप बिज़नेस प्लेटफॉर्म” के रूप में डिज़ाइन किया गया है। आज से 150 नए सक्सेसफुल बिज़नेस आइडिया भी लॉन्च किए गए हैं, जिन्हें 5 लाख से शुरू किया जा सकता है। रूफटॉप सोलर मेंटेनेंस बिजनेस की भी शुरुआत हो चुकी है।
