लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; 8 से अधिक घायल
सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच हादसा, अशोकधाम हॉल्ट के पास पोल गिरने और करंट की अफवाह के बाद मची अफरातफरी
लखीसराय: सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के बाहरी परिसर और अशोकधाम हॉल्ट की ओर जाने वाले मार्ग पर अचानक भगदड़ मच गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को सदर अस्पताल लखीसराय में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
अशोकधाम हॉल्ट के पास अचानक बढ़ गई भीड़
लखीसराय के जिलाधिकारी के अनुसार, घटना सोमवार सुबह करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच हुई। उस समय अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। बताया गया कि श्रद्धालुओं की कतार अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। हॉल्ट पर उस समय दो ट्रेनें भी रुकी हुई थीं। इसी दौरान अचानक एक बिजली का खंभा गिर गया।
करंट की अफवाह के बाद मची अफरातफरी
पोल गिरने के बाद श्रद्धालुओं के बीच उसमें करंट प्रवाहित होने की अफवाह फैल गई। इसके बाद भीड़ में अचानक अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और दबने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया राहत कार्य
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजने की व्यवस्था शुरू की गई।
अब तक चार मृतकों की पहचान
प्रशासन की ओर से अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार मृतकों में शामिल हैं—
- मनमाला देवी (44 वर्ष), पत्नी निरंजन कुमार, वार्ड संख्या 12, इंद टोला, बड़हिया, लखीसराय
- रिंकू देवी (50 वर्ष), पत्नी नीरज यादव, फरदा, थाना सफियासराय, जिला मुंगेर
- हेमलता देवी (55 वर्ष), पत्नी सुरेंद्र यादव, कैंदी प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय
- ललिता देवी, पत्नी गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय
अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख
अशोकधाम मंदिर में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया है। उन्होंने घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित और त्वरित उपचार के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
सावन में अशोकधाम मंदिर में उमड़ती है भारी भीड़
अशोकधाम मंदिर को श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में स्थापित विशाल शिवलिंग को पालकालीन माना जाता है। बताया जाता है कि यह शिवलिंग खुदाई के दौरान जमीन से प्राप्त हुआ था। सावन की तीसरी सोमवारी के अवसर पर मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान भारी भीड़ के बीच यह हादसा हो गया।
हादसे के कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। बिजली का खंभा गिरने की वास्तविक वजह, करंट की अफवाह कैसे फैली और भगदड़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी, इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है। हादसे के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। वहीं, घायलों का उपचार जारी है और मृतकों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है।
