बरेली-मुरादाबाद मंडल के 9 जिलों के अफसरों संग हाई लेवल समीक्षा बैठक, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक, सोशल मीडिया निगरानी और कानून-व्यवस्था पर दिए सख्त निर्देश
बरेली : उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण शुक्रवार को बरेली पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के डीएम और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बैठक में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल के डीएम व एसपी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
‘जीरो एक्सीडेंट’ है सरकार का लक्ष्य

समीक्षा बैठक के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं।ऐसे में उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस बार प्रशासन का लक्ष्य कांवड़ यात्रा को “जीरो एक्सीडेंट” के साथ शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न कराना है।
तीसरे और चौथे सोमवार पर विशेष सतर्कता

डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से तीसरे और चौथे सोमवार के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले वर्षों में दुर्घटना संभावित रहे स्थानों पर विशेष निगरानी रखने, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को पूरी तरह सक्रिय रखने और किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
महिला कांवड़ियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि मिशन शक्ति की टीमें पूरे कांवड़ मार्ग पर सक्रिय रहेंगी। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा, सहायता और निगरानी के लिए अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मांस की दुकानें रहेंगी बंद, डीजे पर भी रहेगी नजर

डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस की दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही डीजे संचालकों के साथ समन्वय बनाकर ध्वनि प्रदूषण और डीजे के आकार से संबंधित निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नगर निकायों को यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई बनाए रखने और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस की साइबर सेल और फील्ड टीमें लगातार सोशल मीडिया पर निगरानी रखेंगी और किसी भी भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
मुख्य सचिव ने विभागीय समन्वय पर दिया जोर
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, नगर निकाय और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराएं। उन्होंने प्रदेश में विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का भी जिक्र किया।
सरकार का संदेश साफ- सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, महिला सुरक्षा, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से सरकार इस बार कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।
