उर्स प्रभारी सलमान मियां बोले- सेवा, भाईचारे और बिना भेदभाव के मिलेगी दुकानें, 3 अगस्त तक आवेदन और 4 अगस्त को होगा आवंटन
बरेली : दरगाह आला हजरत से जुड़े 108वें उर्स-ए-रज़वी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आगामी 6 अगस्त से शुरू होने वाले तीन दिवसीय उर्स को लेकर दरगाह परिसर और उर्स स्थल मदरसा जामियातुर्रजा में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उर्स की कोर कमेटी और बड़ी संख्या में वॉलंटियर जायरीन की सुविधाओं के लिए लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां ने बताया कि इस वर्ष उर्स के दौरान सेवा, भाईचारे और बिना किसी भेदभाव के 100 से अधिक निशुल्क दुकानें लगाई जाएंगी। इन दुकानों पर खाने-पीने की वस्तुओं के अलावा मजहबी किताबें, टोपी, इत्र, तस्बीह, जानमाज, ईद मिलादुन्नबी के झंडे, कुर्ता-पायजामा सहित अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध रहेगा।
दुकानदारों से नहीं लिया जाएगा शुल्क
उन्होंने बताया कि दुकानदारों से दुकान या बिजली का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रत्येक दुकान के पास कूड़ादान की व्यवस्था की जाएगी और पूरे बाजार में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिससे जायरीन को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
जमात रज़ा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि जिन दुकानदारों को उर्स मेले में दुकान लगानी है, वे 3 अगस्त तक मदरसा जामियातुर्रजा के गेट पर सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे के बीच अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जमा कर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 4 अगस्त को दुकानों का आवंटन कर दिया जाएगा।
दरगाह के जिम्मेदार जुटे हैं तैयारियों में
उर्स की तैयारियों में हाफिज इकराम रज़ा, डॉ. मेंहदी हसन, मोईन खान, समरान खान, यासीन खान, कौसर अली, अब्दुल्लाह रज़ा खां, दानिश रज़ा, बख्तियार खान, मोईन अख्तर, गुलाम हुसैन, रेहान रज़ा, रहबर खान, अली रज़ा, नावेद आलम और शाइबउद्दीन रज़वी सहित कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
