निशु आजाद के पिता संजय पर कथित हमले को लेकर आमने-सामने आए स्वतंत्र भारद्वाज और विपक्षी संगठन, दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय पर हुए कथित हमले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले को लेकर जहां कथित हमलावर स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में घटना को आत्मरक्षा बताया है, वहीं एनएसयूआई और सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। इस बीच आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे और निशु आजाद तथा उनके पिता के समर्थन में न्याय की मांग की।
स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या कहा
पॉडकास्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने ऊपर लगाए जा रहे हमले के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि घटना आत्मरक्षा में हुई थी। उनका कहना है कि उन्हें करीब 10 से 15 लोगों ने घेर लिया था और यदि उन्होंने आत्मरक्षा में कदम नहीं उठाया होता तो भीड़ उन्हें पीटकर मार सकती थी। भारद्वाज ने दावा किया कि आत्मरक्षा के दौरान संजय के सिर में चोट लगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी समेत अन्य लोगों की ओर से साझा किए जा रहे पॉडकास्ट के एक वीडियो अंश को कथित तौर पर फर्जी बताया। कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण कार्रवाई से बचने के आरोपों पर भी उन्होंने सफाई दी और कहा कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान उनके भाइयों की तरह हैं।
एनएसयूआई ने पुलिस पर उठाए सवाल
सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद से जुड़े मामले पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन में निशु आजाद भी शामिल थीं। उनके मुताबिक, इसी दौरान उनके पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। जाखड़ ने आरोप लगाया कि घटना के बाद निशु आजाद प्राथमिकी दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग को लेकर परेशान होती रहीं, लेकिन आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी शुरुआत से निशु और उनके परिवार के साथ खड़े हैं और संगठन उनकी लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगा।
सीजेपी ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने घटना को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि संजय के सिर में चोट आई थी और उनकी ओर से पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी तथा हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। रांका का आरोप है कि घटना के बावजूद पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि कथित घटना में शामिल लोगों की ओर से अब सार्वजनिक रूप से हमले को लेकर बयान सामने आ रहे हैं, फिर भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल बने हुए हैं।
चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे पुलिस थाने
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने पहुंचे। वह सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के समर्थन में वहां पहुंचे थे। इस दौरान सीजेपी नेताओं ने निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग की। पुलिस थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी।
निशु आजाद ने कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप
निशु आजाद ने आरोप लगाया है कि उनके पिता संजय पर कथित हमले के बाद प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि घटना को डेढ़ महीने से अधिक समय बीत चुका है। निशु के अनुसार, उनके पिता के सिर में गंभीर चोट आई थी और परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।
सोशल मीडिया वीडियो को लेकर भी विवाद
इस बीच कथित हमलावर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह कथित तौर पर संजय पर हमले की बात करता सुनाई दे रहा है। वीडियो में संजय के सिर में गंभीर चोट लगने और उन्हें 60 टांके आने का दावा भी किया गया है। हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले में सामने आ रहे अलग-अलग दावों और आरोपों के बीच पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
